ऐशबाग की रामलीला में दिखा राजनीति व परम्परा का अनूठा संगम

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लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ के ऐशबाग में होने वाले ऐतिहासिक रामलीला में शिरकत किया। पीएम मोदी के अलावा यहां केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाइक, उत्तर प्रदेश इकाई के भाजपा अध्यक्ष राम केशव मौर्या, महापौर दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। रामलीला में इन बड़ी राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी राजनीति और परम्परा के अनूठे संगम के रूप में उभर कर आई। इसके अलावा इस पारंपरिक त्यौहार की आढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से भाषण दिया, यह पारंपरिक त्यौहार का राजनीतिकरण होता दिखाई दिया।

ऐशबाग की रामलीला

ऐशबाग की रामलीला में मोदी व राजनाथ दिए अपने व्यक्तव्य

ऐशबाग की रामलीला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई दिग्गज बीजेपी नेताओं की मौजूदगी भले ही पारंपरिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के रूप में हुई हो लेकिन कुछ विद्वान इस पारंपरिक कार्यक्रम में इनकी मौजूदगी को 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।

यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत तो लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाओं के साथ की लेकिन बाद में आतंकवाद से लेकर गन्दगी तक को आज का रावण बताकर लोगों को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए जागरूक किया।

हालांकि उन्होंने अपने किसी भी बयान में न किसी राजनीतिक पार्टी और न ही सर्जिकल स्ट्राइक का नाम लिया लेकिन फिर भी उनके द्वारा दिए गए भाषण को पारंपरिक की बजाय राजनीतिक भाषण माना जा रहा है।

उन्होंने अपने भाषण में बीजेपी का मौजूदा चुनावी मुद्दा आतंकवाद को रावण बताया। गर्ल चाइल्ड के खिलाफ सोंच को रावण बताया, गन्दगी को रावण बताया। भले ही उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का नाम नहीं लिया लेकिन कहीं न कहीं अपने भाषण में यह दर्शा दिया कि उनकी सरकार हमेशा से आतंकवाद को मिटाने के लिए प्रयासरत रहती है।

इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने छोटे से व्यक्तव्य में भगवान् राम के जयकारे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ़ में कसीदें पढना शुरू कर दिया था। उन्होंने मोदी को एक महान पुरुष बताया था। साथ ही उन्होंने अपने बयान में यह भी दर्शाने का प्रयास किया कि केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने विकास के नाम पर, भ्रष्टाचार के खिलाफ देश को बड़ा योगदान दिया है।

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