लखनऊ की बेटी को पीएम मोदी ने दिया ‘बेस्ट डीएम’ का अवार्ड

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आस्था अवस्थी

लखनऊ। मंज़िलें नहीं रास्ते बदलते हैं, जगा लो जज्बा जीतने का….कुछ ऐसा ही कहना है लखनऊ की बेटी ऐश्वर्या सिंह का। मेहनत और लगन से मुकाम हासिल करने वाली लखनऊ की इस बेटी को पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘बेस्ट डीएम’ के अवार्ड से नवाजा है। साल 2001 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीएससी टॉपर और साल 2004 में चांसलर्स गोल्ड मेडल जीत चुकी ऐश्वर्या सिंह ने एक बार फिर से लखनऊ का नाम रोशन किया है।

ऐश्वर्या 2008 बैच की आईएएस हैं और सिक्किम कैडर में इस समय वेस्ट सिक्किम की जिलाधिकारी हैं। ऐश्वर्या को ये सम्मान वेस्ट सिक्किम में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मिला है।

ऐश्वर्या सिंह

‘पूरी दुनिया’ से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सिक्किम में ये सब करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में वैसे ही कई मुश्किलें हैं।

इन मुश्किलों के बीच ही लोगों को शौचालय बनवाने, साफ-सफाई अपनाने के लिए समझाना थोड़ा मुश्किल जरुर था लेकिन नामुमकिन नहीं। हमने घरों में जाकर, लोगों से बात करके धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ाई जिससे ये मिशन सफल हो सका।

लखनवी तहजीब नहीं है कहीं और

ऐश्वर्या का कहना है कि उनका बचपन लखनऊ में ही बीता है और पढ़ाई भी लखनऊ में हुई है। लखनऊ में ही रहकर उनके सपनों में पंख लगे। उनका मानना है कि लखनऊ ने ही उन्हें ये मुकाम हासिल करवाया है।

लखनऊ की तहजीब के बारे में ऐश्वर्या का कहना है कि दूसरे राज्यों में जाकर ही लखनऊ की तहजीब की अहमियत का पता चलता है। नवाबों के शहर का मिजाज ही कुछ अलग है और मुझे गर्व फील होता है कि मैं लखनऊ की हूं।

ऐश्वर्या वैसे तो हरदोई की रहने वाली हैं लेकिन उनका जन्म और परवरिश लखनऊ के न्यू हैदराबाद इलाके में हुआ है। उनके पिता डॉ. अनिल कुमार सिंह लविवि के रिटा. केमिस्ट्री प्रोफेसर हैं।

आईएएस बनने के लिए कड़ी मेहनत

आईएएस बनने के लिए किस तरह मेहनत की जाए, सवाल पर ऐश्वर्या ने कहा कि सरल अनुशासन और हर दिन अभ्यास से ही आईएएस बनने का सपना पूरा किया जा सकता है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।

यदि आप में शुरू करने के लिए साहस है, तो आप में सफल होने का भी साहस है। अपने मिशन में सफल होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित निष्ठावान होना पड़ेगा। सफलता के लिए कोई लिफ्ट नहीं है। इसके लिए आपको सीढ़ियों से ही जाना है।

लड़कियों को दिया ये मैसेज

स्वयं एक लड़की होने के नाते ऐश्वर्या ने लड़कियों को ये मैसेज दिया है कि आपको लड़की होने के बावजूद दया भाव और अतिरिक्त सुविधाओं की जरुरत नहीं है। मैं स्वयं एक लड़की हूं लेकिन गांव क्षेत्र में पोस्टिंग होने के बावजूद मैनें कभी भी अतिरिक्त सुविधाओं की मांग नहीं की।

मैनें अपने ढाई साल के बच्चे के साथ इन क्षेत्रों में काम किया है और कभी भी सुविधाओं के बारे में बात नहीं की। मेरे पापा ने मुझे हमेशा से ही सिखाया है केवल एक लड़की होने के नाते आपको लोगों के सामने दीन-हीन बनने की जरुरत नहीं है।

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