जेएनयू से कन्हैया कुमार, उमर खालिद सहित 5 छात्रों को निकाला जाएगा !

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नई दिल्ली जेएनयू की एक उच्चस्तरीय समिति ने राष्ट्रविरोधी नारेबाजी मामले में छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद समेत तीन अन्य को निकालने की सिफारिश की है। हालांकि सूत्रों ने कहा कि समिति की सिफारिश पर फैसला सुझावों पर पूरी जांच के बाद कुलपति एम जगदीश कुमार और मुख्य प्रॉक्टर ए डिमरी द्वारा किया जाएगा। कुलपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में आज इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई जिसके बाद विश्वविद्यालय ने कन्हैया कुमार और उमर सहित 21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस भेजे। ये छात्र विश्वविद्यालय नियम एवं अनुशासन के उल्लंघन के दोषी पाए गए थे।

कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार और उसके साथियों पर अंतिम फैसला कुलपति करेंगे

सूत्रों ने कहा कि उच्चस्तरीय समिति ने एक महीने से अधिक समय की जांच के बाद पांच छात्रों को निकालने की सिफारिश की है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला कुलपति और प्राक्टर कार्यालय द्वारा किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय समिति द्वारा जांच पूरी होने पर 11 मार्च को कन्हैया कुमार सहित आठ छात्रों का शैक्षणिक निलंबन हटा दिया था। अधिकारी ने कहा कि इस तरह के मामलों में कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय नियमों में मानक प्रावधान हैं। उच्चस्तरीय जांच समिति की सिफारिशें जेएनयू अनुशासन एवं उचित आचरण के नियमों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के जवाब के आधार पर इस संबंध में अंतिम फैसला किया जाएगा।

क्‍या है जेएनयू मामला

9 फऱवरी को जेएनयू में वामपंथी और दलित संगठनों से जुड़े छात्रों ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी मनाई गई थी। इसमें कश्मीर के छात्र भी शामिल थे। इसके लिए कैंपस में एक सांस्कृतिक संध्या का आय़ोजन भी किया गया था। इस दौरान देश विरोधी नारे भी लगाए गए थे। आरोप है कि विरोध करने पर इन लोगों ने ABVP के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की। जिसके बाद जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार और उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई। कन्हैया को कोर्ट ने कुछ दिन बाद जमानत दे दी थी।

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