कन्हैया कुमार का खत पहली बार आया सामने, खुद पढि़ए

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नई दिल्ली। जेएनयू विवाद में कन्हैया कुमार ने पहली बार अपनी बात देश के सामने रखी है। कन्हैया कुमार का खत सामने आया है। इसमें कन्हैया ने जेएनयू और देश में शांति की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मेरे खिलाफ अगर कोई सबूत हो तो बेशक मुझे जेल भेज दिया जाए, यदि नहीं है तो मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए।

कन्हैया कुमार का खत
एएनआई ने इस पत्र को ट्वीट किया

कन्हैया कुमार का खत दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने ट्वीट किया है। इसमें लिखा है, ‘मैं कन्हैया कुमार जेएनयू में ‘सोशल ट्रांसफॉर्मेशन इन साउथ अफीका’ विषय पर पीएचडी कर रहा हूं। मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं। मैं भारत की एकता और अखण्डता पर विश्वास रखता हूं और संविधान के विप‍रीत किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करता हूं।’

कन्हैया कुमार का खत

खत के मुताबिक फरवरी महीने में विश्वविद्यालय में जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, मैं उसकी निंदा करता हूं। इस बारे में जारी वीडियो देखकर लगता है कि यह जेएनयू का है। लेकिन वीडियो में दिख रहे सभी लोग जेएनयू से नहीं हैं। कुछ लोग बाहरी भी हैं। वीडियो में जो नारे लगाए जा रहे हैं, मैं उनका विरोध करता हूं। मेरी आप सभी से अपील है कि जेएनयू औ देश में शांति बनाई जाए।

कन्हैया कुमार का खत आने से पहले उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। खबरें हैं कि कोर्ट के बाहर वकीलों ने कन्हैया कुमार को पीटा। इस बारे में दिल्ली कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा है कि कोर्ट परिसर में कन्हैया कुमार से कोई मारपीट नहीं हुई। हालांकि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हमला करने के बाद वकीलों ने पुलिस के सामने ‘गर्व’ से कहा, ‘हां, हमने उसे मारा।’ बाद में बस्सी ने कन्हैया कुमार की सुरक्षा की गारंटी ली। कन्हैया कुमार को 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

उधर, कन्हैया के मामले को अब आम आदमी पार्टी से दूरी बना चुके नेता और वकील प्रशांत भूषण ने लड़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर मुझे यह केस लड़ने का मौका मिला तो जरूर लड़ूंगा।

 

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