सर्वोच्च न्यायालय करेगा तीन वकीलों के खिलाफ सुनवाई

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नई दिल्ली| सर्वोच्च न्यायालय ने कल उन तीन वकीलों के खिलाफ अमानवता की कार्यवाही शुरू करने से सहमति जताई जो कैमरा के समक्ष यह कहते पाए गए हैं कि उन्होंने कन्हैया कुमार और अन्य पर हमला किया था। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया पर यह हमला तब हुआ था जब उन्हें पटियाला हाउस न्यायालय परिसर में पिछले हफ्ते पेश किया गया था। मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित पीठ ने कहा, “इसे शुक्रवार को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध होने दें।” पीठ ने यह बात तब कही जब अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने यह कहा कि इस मामले में अधिवक्ता कामिनी जायसवाल की जनहित याचिका पर अविलंब सुनवाई की जरूरत है।कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार के साथ कई पत्रकारों पर भी हमला हुआ

भूषण ने अदालत से कहा कि न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की पीठ ने जेएनयू के पूर्ववर्ती छात्र एन.डी. जयप्रकाश की याचिका पर 10 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की है। इसके बाद उन्होंने विशेष जांच दल से मामले की जांच कराने व इसकी तत्काल सुनवाई करने की मांग की।

देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कन्हैया की पेशी के दौरान अदालत परिसर में 15 एवं 17 फरवरी को कन्हैया के साथ कई पत्रकारों पर भी हमला किया गया था।

जायसवाल की बुधवार को दायर जनहित याचिका में अदालत से स्वत: संज्ञान लेते हुए तीन वकीलों विक्रम सिंह चौहान, यशपाल सिंह और ओम शर्मा के खिलाफ अवमानना वाद चलाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि तीनों ने सर्वोच्च न्यायालय के 17 फरवरी को जारी आदेश की जानबूझकर अवहेलना की और न्यायिक प्रशासन में हस्तक्षेप किया।

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