कन्हैया कुमार को 2 मार्च तक जेल, सुप्रीम कोर्ट बदल सकती है सुनवाई की जगह

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कन्हैया कुमारनई दिल्ली। जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी कन्हैया कुमार के साथ बुधवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मारपीट की गई। इसके तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट कन्हैया कुमार की पेशी की जगह में बदलाव कर सकता है।

कन्हैया कुमार पर दूसरी बार हंगामा

पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू कांड पर इसी हफ्ते में ये दूसरी बार हंगामा हुआ है। वकीलों की ओर से हुए हंगामे और मारपीट पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट में हालात का जायजा लेने के लिए पांच वकीलों के पैनल को भेजा था। सुप्रीम कोर्ट ने पैनल से सवाल किया कि क्या आगे पटियाला हाउस कोर्ट में इस मामले की सुनवाई करना उचित है?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। किसी भी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने या उस पर परेशानी खड़ी की अनुमति नहीं है। कोर्ट ने सबसे ज्यादा इस बात नाराजगी जाहिर की है कि सख्त आदेश के बावजूद दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों की मौजूदगी में कोर्ट परिसर पर माहौल कैसे बिगड़ गया।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को 15 फरवरी और 17 फरवरी को हुई हिंसा पर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। साथ ही छह वकीलों के पैनल से भी रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए शुक्रवार तक का वक्त दिया है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अब सोमवार को होगी।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से भेजे गए वकीलों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान उस पर हमला हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम खाली करने का आदेश दिया। वकीलों की टीम ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट परिसर में उन पर भी बोतल और पत्थर फेंके गए।

पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई के बाद कन्हैया कुमार को 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। अब वह दो मार्च तक जेल में रहेगा। पटियाला हाउस कोर्ट परिसर से कन्हैया को ले जाने के दौरान वकीलों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। कोर्ट परिसर में कन्हैया का मेडिकल टेस्ट भी कराया गया। उसे कोर्ट के लॉकअप तक ले जाने में पुलिस को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रास्ते में सैकड़ों वकील खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। इस कारण पुलिस ने कन्‍हैया कुमार को पटियाला हाउस कोर्ट के पिछले गेट से निकालना उचित समझा।

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