पीएम मोदी के खिलाफ कन्हैया की ये फेसबुक पोस्ट देखकर आपका खून खौल उठेगा

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जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार अक्सर अपने बयानों को लेकर विवाद में रहते हैं। कन्हैया ने एक बार फिर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर करके कहा कि, वे कहते हैं ‘मेरा देश आगे बढ़ रहा है’ और मुझे ‘मेरा देश गड्ढे में गिर रहा है’ सुनाई देता है। देश गड्ढे में इसलिए गिर रहा है कि यूजीसी के बजट में 55 प्रतिशत कटौती कर दी गई है।

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कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार ने शिक्षा पर उठाए सवाल

कन्हैया कुमार ने पोस्ट में आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तो पुरानी हवेली का ख़ज़ाना बना दिया गया है। जिसके बारे में या तो ज़मींदार को मालूम होता था या हवेली के दरबान को। एक सरकारी अधिकारी को इस नीति से जुड़े अपने ही सुझावों को जनता से साझा करने के लिए सरकार को धमकी देनी पड़ी। पिछली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनी थी, यानी आज से 30 साल पहले।

जिस देश की आबादी में 65 प्रतिशत हिस्सा 35 साल तक की उम्र के युवाओं की हो, वहां गुपचुप ढंग से राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने वाली सरकार की नीयत में ही खोट नज़र आता है। वे चुपचाप विदेशी विश्वविद्यालयों को बुला लेना चाहते हैं, भले ही इसके लिए अच्छे सरकारी संस्थानों को बर्बाद ही क्यों न करना पड़े। वे शिक्षा को स्किल तक सिमटा देना चाहते हैं, जबकि शिक्षा का दायरा इससे बहुत ज़्यादा बड़ा है। इसीलिए तो कहता हूं, हमें उनसे है शिक्षा नीति की उम्मीद जो नहीं जानते शिक्षा क्या है !

इससे पहले भी अपनी फेसबुक पोस्ट पर मोदी पर निशाना साधा था

कन्हैया ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि कृपया जनता के मुद्दों पर काम करें, दूसरों के चरित्र हनन से लोगों को रोटी नहीं मिलेगी। जेल में डालने, लाठी मारने और गाली देने से शिक्षा और रोजगार का मसला हल नहीं होगा। मेरे पास तो आई-फोन नहीं है अगर होता भी तो क्या इससे देश की गरीबी का सवाल खत्म हो जाएगा? मोदी जी आपके लखटकिया सूट से चाय वाले की हालत नहीं सुधरी है।

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