मुख्यमंत्री स्टिंग मामले की अगली सुनवाई होगी 19 नवंबर को

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नैनीताल। कपिल सिब्बल ने स्टिंग ऑपरेशन के मामले में शनिवार को हाईकोर्ट में उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत का पक्ष रखते हुए कहा कि हर मामले को सीबीआई  को नहीं दिया जा सकता है।

बता दें कि उन्होंने बहस करते हुए एसआर बोम्मई केस समेत उदाहरणों के जरिए तर्क प्रस्तुत किए। वहीं कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तिथि नियत की है।

कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में हाईकोर्ट में रखा पक्ष

हाईकोर्ट में हरीश रावत की ओर से याचिका दायर कर स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण में सीबीआई की जांच को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की थी, वहीं दूसरी ओर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की ओर से एक अन्य याचिका दायर की थी, जिसमें राज्य मंत्रिमंडल की 15 मई को हुई बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की संस्तुति को वापस लेने के फैसले को चुनौती दी थी।

वहीं कपिल सिब्बल इस मामले में न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान पैरवी करते हुए महाराष्ट्र के एसआर बोम्मई केस का उदाहरण देते हुए कहा कि हर मामले को सीबीआई को नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री डोरजी के खिलाफ 1974 में भ्रष्टाचार के मामले को भी उदाहरण के तौर पर पेश किया।

 

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