गर्भवती महिलाएं करवा चौथ व्रत के लिए ले रही डॉक्टरों से सलाह

0

आगरा। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सलामती के लिए बुधवार को करवा चौथ का व्रत रखेंगी, लेकिन गर्भवती महिलाएं इसको चिंतित हैं। करवा चौथ का व्रत रखना भी जरूरी है,  इस व्रत को लेकर गर्भवती महिलाओं के मन में तमाम सवाल आ रहे होंगे। इस व्रत को रखने से गर्भस्थ शिशु को कोई परेशानी नहीं होगी।

करवा चौथ

करवा चौथ को लेकर हुई वर्कशॉप

स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ जयदीप मल्होत्रा (रेनबो हॉस्पीटल आईवीएफ सेंटर की निदेशक) ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को हर दो घंटे बाद कुछ न कुछ खाना चाहिए, क्योंकि उनके साथ ही गर्भस्थ शिशु के लिए भी पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। मगर, करवा चौथ के व्रत में महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं। यानि खाना तो दूर पानी तक नहीं पीती। इस दौरान पानी न पीने से डीहाइड्रेशन होने की आशंका  रहती है। वहीं, पूरे दिन खाना न खाने से हाइपोग्लाइसिमिक शुगर का स्तर गिरना होने की आशंका रहती है।  इससे गर्भस्थ शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है। गर्भवती महिलाएं व्रत ना रखें तो अच्छा है। इसके बाद भी वह व्रत रखना चाहती हैं तो ध्यान रखने की जरूरत है।

इस तरह रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत

व्रत शुरू होने से पहले ऐसा भोजन कर लें जो ज्यादा समय तक पेट में रहे, उसका जल्दी पाचन न हो।

भले ही कुछ ना खाएं, लेकिन जूस सहित तरल पदार्थों का सेवन करते रहें, जिससे पानी की कमी न हो।

परिवार में खुशी का माहौल रखें और काम करने के बजाय आराम करें।

व्रत पूरा होने के बाद एक बाद, यानि लम्बे समय भूखा रहने के बाद एक साथ ज्यादा न खाएं,  इससे अपच और गैस के कारण पेट दर्द हो सकता है। तरल पदार्थ लें इसके बाद थोड़ा थोड़ा भोजन करें।

करवा चौथ का व्रत खोलने के बाद अस्पताल में डिलीवरी पेन को लेकर आने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ जाती है। लेकिन चैकअप के बाद पता चलता है कि इसकी वजह गैस या बदहज्मी है।

ये ना रखें व्रत

हाइपरटेंशन और मधुमेह रोगी महिलाएं व्रत ना रखें, इससे ब्लड प्रेशर बढ सकता है और दौरे पड़ सकते हैं।

गर्भावस्था के अंतिम तीन महीने वाली महिलाएं व्रत रखने से बचें।

ये लक्षण हैं तो डॉक्टर से करें संपर्क

गर्भस्थ शिशु की हलचल बढ़ जाए।

चक्कर और बेहोशी आने लगे और उल्टी होने लगें।

loading...
शेयर करें