गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल छात्रा ने लगायी फांसी

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कानपुर। रानीगंज स्थित बृजभूमि गर्ल्स हास्टल में मेडिकल की तैयारी कर रही एक छात्रा ने बीते दिन फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम ने जांच की छानबीन में टीबी की दवाएं मिलीं लेकिन किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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कानपुर के काकादेव की न्यू लाइट कोचिंग में था एडमिशन

बता दें, छात्रा आयुषी पोरवाल उर्फ नेहा (20) औरैया के बाबरपुर विद्यानगर मेन रोड निवासी मशीनरी पार्ट्स व्यापारी श्रीप्रकाश पोरवाल की बेटी थी। पिछले साल ही आयुषी ने 12वीं की परीक्षा पास की थी। घरवालों ने कुछ ही दिन पहले कानपुर के काकादेव की न्यू लाइट कोचिंग में उसका एडमिशन कराया था।

आयुषी ने रानीगंज स्थित बृजभूमि हास्टल की पहली मंजिल पर कमरा नंबर 201 सी को किराये पर लिया था। शनिवार दोपहर 12.30 बजे आयुषी ने भाई को फोन कर तबीयत खराब होने की बात कही। भाई ने कोचिंग टीचर से बात की, तब आयुषी को कोचिंग से हास्टल जाने दिया गया। हास्टल आने के बाद वह कमरा बंद कर लेट गई। शाम 6.30 बजे भाई ने फोन किया।

फोन नहीं उठा तो वार्डन कल्पना और संचालक किशोर कुमार को फोन कर बहन से बात कराने के लिए कहा। वार्डन ने बाहर से कई आवाज दीं। खिड़की से झांककर देखा तो आयुषी कमरे में फांसी पर झूल रही थी। इसके बाद हास्टल संचालक ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी।

छात्रा के ताऊ वेदप्रकाश ने बताया कि पिछले साल आयुषी का एडमिशन कोटा में कराया गया था। अचानक वो वहां बीमार हो गयी जिसके बाद चार माह पहले ही घर वाले उसको वापस ले आये। इसके बाद ग्वालियर में उसका इलाज शुरू हुआ। जब उसकी तबियत में सुधार हो गया तो उसका एडमिशन काकादेव स्थित संस्थान में कराया गया।

हॉस्टल की बाकी छात्राओं से परिजन ने पूछताछ की जिसमें पड़ोस में रह रही छात्रा ने कहा, कि आये दिन आयुषी की तबियत ख़राब रहती थी। इसलिए कमरा बंद देखकर उसने सोचा कि वो सो रही होगी।

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