स्कॉलरशिप के पैसों को जबरन हड़प रहे हैं कानपुर के 23 कॉलेज

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कानपुर। कानपुर में नामचीन शिक्षण संस्थान बैंकों में सेटिंग कर या स्टूडेंट्स पर दबाव बनाकर छात्रवृत्ति से मिले पूरे पैसों को हड़प रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट से ये बात साफ़ पता चल रही है कि कैसे शहर के नामचीन शिक्षण संस्थान केंद्र व राज्य सरकार से आई छात्रवृत्ति को जबरन लूट रहे हैं। आवेदन की व्यवस्था ऑनलाइन करने के बावजूद शिक्षण संस्थान स्कॉलरशिप का पैसा हड़प रहे हैं।

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कानपुर के जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट

सरकार स्टूडेंट्स की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति देती है, लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों ने इसे जेब भरने का जरिया बना लिया है। हालांकि रेंगते-रेंगते डीएम तक पहुंची रिपोर्ट आखिरकार कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई है लेकिन तभी कुछ शिक्षण संस्थान इसी ढर्रे पर चल रहे हैं।

अनुसूचित जाति-जनजाति के स्टूडेंट्स को केंद्र सरकार से स्कॉलरशिप, शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए राज्य सरकार पैसा भेजती है। आवेदन की व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। इसके बावजूद बैंकों में सेटिंग कर या छात्रों पर दबाव बनाकर शिक्षण संस्थान वह पैसा हड़प रहे हैं।

विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में लगातार ऐसी शिकायतें आने के बाद पूर्व समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्र ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से इसकी जांच कराई। जून के शुरू में बैंक प्रबंधक ने जो रिपोर्ट दी, वह चौंकाने वाली थी।

कानपुर के 23 नामचीन शिक्षण संस्थान की बैंक से है सेटिंग

रिपोर्ट के मुताबिक 23 ऐसे कॉलेज हैं, जिन्होंने गलत ढंग से स्टूडेंट्स के खाते से शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति और अन्य धनराशि हड़प ली। इनमें तीन बड़े समूहों के ही अधिकांश कॉलेज हैं। दो समूहों के सात-सात तो एक समूह के छह संस्थानों ने छात्रवृत्ति में गबन किया है।

ऐसे में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इस कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है और इन कॉलेजों पर मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति कानपूर के जिलाधिकारी को महीने की शुरुआत में ही प्रेषित की थी। प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है। सरकार जल्द ही शहर के शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई करेगी।

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