किशनगंगा बांध के लिए पाकिस्तान और विश्व बैंक ने शुरू की बातचीत

वाशिंगटन: पाकिस्तान और विश्व बैंक ने जम्मू एवं कश्मीर में किशनगंगा जल विद्युत परियोजना के संबंध में वार्ता शुरू कर दी है, जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ है। इस्लामाबाद ने नई दिल्ली पर यह बांध बनाकर सिंधु जल संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल रविवार को इस संबंध में तीन दिवसीय वार्ता के लिए यहां पहुंचा। इनका उद्देश्य इस मामले को सुलझाने के लिए विश्व बैंक अधिकारियों को एक मध्यस्थ अदालत गठित करने के लिए राजी करना है। इस्लामाबाद को डर है कि इस भारतीय परियोजना से उसके भूभाग में पानी का प्रवाह कम हो जाएगा। विश्व बैंक सिंधु जल संधि का केंद्रीय निकाय (नॉडल बॉडी) है।

पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, “पाकिस्तान और विश्व बैंक ने वाशिंगटन में भारत अधिकृत कश्मीर में नीलम नदी पर किशनगंगा हाइड्रोपॉवर परियोजना पर वार्ता शुरू कर दी है। अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं और पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ अदालत की मांग कर रहा है।”

पाकिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के बांदीपोरा जिले में19 मई को 330 मेगावाट के किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के उद्घाटन के बाद चिंता व्यक्त की थी।

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने इस परियोजना के उद्घाटन से पहले कहा था, “पाकिस्तान का मानना है कि विवाद को सुलझाने से पहले परियोजना का उद्घाटन सिंधु जल संधि का उल्लंघन है।”

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