बांदा में भूख से तड़प-तड़प कर किसान की मौत

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बांदा। वह और उसका परिवार चार दिन से भूखे थे। घर में चूल्हा तक नहीं जला था। फिर वह सरकारी राशन लेने गया। रास्ते में भूख लगने पर वह पानी से भूख मिटाने लगा। पानी पीते ही उस भूमिहीन किसान की मौत हो गई। यह खबर जैसे ही प्रशासन को लगी तो आनन-फानन किसान के घर राहत सामग्री का पैकेट पहुँच गया।

किसान की मौत

नरैनी तहसील के ऐला गांव के मुन्गूस पुरवा निवासी भूमिहीन किसान नत्थू के घर में पत्नी और छह बच्चे हैं। चार दिन से खाने के लिए दाना नहीं था। जिससे घर का चूल्हा तक नहीं जला था। पूरा परिवार भूख से हलकान था। इसी दौरान नत्थू को जानकारी हुई कि आज ऐला गांव में सरकारी राशन के पैकेट बांटे जायेंगे। वह भूखे पेट ऐला गांव की ओर पैकेट मिलने की आस में चल पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रास्ते में एक जगह वह हैण्डपम्प से पानी पीने लगा। पानी पीते ही नत्थू गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।

नत्थू की मौत होने पर जब यह खबर मीडिया में आ गई तो प्रशासन की नींद टूटी। आनन फानन में समाजवादी राशन पैकेट मृतक के घर पहुंचा दिया गया। उप जिलाधिकारी नरैनी ने कोटेदार से 35 किलो गेंहू व चावल भी भिजवा दिया। पत्नी मुन्नी ने बताया कि अंत्योदय कार्ड में मिलने वाला राशन इतने बड़े परिवार के लिए पर्याप्त नहीं होता। 15 दिन में खत्म हो जाता है। इसके बाद पड़ोसियों से मांगकर काम चलता है। वहीँ एसडीएम का कहना है कि मौत भूख से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है।

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