उत्तराखंड में बादल फटे, 35 से अधिक लोगों की मौत

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कुदरत का कहरदेहरादून। उत्तराखंड में कुदरत का कहर जारी है। अभी तक तो कहीं एक जगह पर बदल फटने की घटना होती थी। लेकिन अब एक साथ कई जगह पर ऐसा हो रहा है। प्रदेश के चमोली और पिथौरागढ़ में बादल फटने से दर्जनों लोग लापता हो गए हैं। वहीं बदरीनाथ हाईवे भी मलबा आने से जगह-जगह बंद हो गया है।

कुदरत का कहर ऐसा की हर तरफ मच गई तबाही

बदरीनाथ से गौचर में बीच करी‌ब तीन हजार यात्रियों को सुरक्षित स्थाननों पर रोका गया है। वहीं बारिश के चलते चमोली और पिथौरागढ़ जिले में कुदरत का कहर जारी रहा। इस घटना में 20 से अधिक लोगों के जिंदा दफन होने की आशंका जताई जा रही है। पांच के शव निकाले जा चुके हैं। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

वहीं चमोली में में बादल फटने से चीख पुकार मच गई। बादल फटने की घटना के बाद गांव के चार लोग के लापता होने की खबर है। दसोली ब्लॉक के ‌‌सिरों गांव के बीच से बहने वाले गदेरे में ऊफान आने से दो लोग बह गए। इनके शव बरामद किए जा चुके हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद देर रात उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। पहाड़ी इलाकों में आफत की इस बारिश ने एक बार फिर 2013 में आई आपदा की याद दिला दी।

नदियों में आई बाढ़ से कई घर बह गए और दो लोगों के भी बहने की खबर है। गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों मे भारी बारिश के कारण अलकनंदा ऊफान पर आ गई और 2013 की आपदा जैसा मंजर आंखों के सामने फिर से आ गया। नदी किनारे रहने वाले लोग खौफ में आकर अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। चमोली जनपद के घाट विकास खंड में मंदाकिनी नदी में बाढ़ आने से पुराने बाजार में स्थित दो मकान बह गए। एक बच्चे और बुजर्ग के बहने की भी खबर है।

घाट विकास खंड में नदी के तेज बहाव के कारण कई भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं बीएसएनल की संचार सेवा भी ठप हो गई है। प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

 

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