अब यूपी में खुलेंगे तीन नए कृषि महाविद्यालय

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लखनऊ। प्रदेश के आजमगढ़ तथा लखीमपुर खीरी जनपदों में स्थापित नए कृषि महाविद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ हो चुका है तथा गोण्डा में नए कृषि महाविद्यालय में शैक्षणिक कार्य शीघ्र आरम्भ होगा। कृषि मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित ने बताया कि इन नए कृषि महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 28 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वैज्ञानिक रीति से कृषि को बढ़ावा देने के लिए कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान कार्यक्रमों में विस्तार किया गया है एवं इसके लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की गई है।

कृषि महाविद्यालय

अब गरीब के बच्चे भी पढ़ेंगे कान्वेंट स्कूल में

उत्तर प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत अब गरीब परिवार के बच्चे कान्वेंट स्कूल में एलकेजी से ही पढ़ सकेंगे। नए सत्र में नामांकन के लिए आवेदन करने की समय सीमा भी खत्म कर दी गई है। अब नामांकन के लिए नए सत्र में पढ़ाई शुरू होने के बाद चार माह तक बीएसए कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नया शासनादेश जारी कर दिया है।

कान्वेंट स्कूल में करना होगा आवेदन

शासन ने कहा है कि परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पूर्व कोई कक्षा नहीं होती है। ऐसे में अगर अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के अभिभावक अपने बच्चे को पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश चाहते हैं तो बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों को आसपास के ऐसे में विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराएंगे, जहां पूर्व प्राथमिक कक्षाएं चलती हों तथा वे विद्यालय सामान्यत: अन्य का भी दखिला पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में लेते हों।

इसके लिए अभिभावक या माता-पिता को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा। बच्चों की पढ़ाई कक्षा 8 तक सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की तरफ से विद्यालय को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रतिमाह प्रति छात्र 450 रुपये दिए जाते हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग, एचआइवी पीड़ित, कैंसर पीड़ित और निराश्रित (बेघर) बच्चों को तथा दुर्बल वर्ग के बच्चे (जिनके अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम हो) बीएसए कार्यालय में आवेदन कर कान्वेंट में पढ़ सकते हैं।

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