खराब माइंस हो सकते हैं आग लगने की असली वजह

0

पुलगांव। पुलगांव में एशिया का सबसे बड़ा गोला-बारूद के डिपो केंद्रीय आयुध डिपो (CAD) में लगी आग के बारे में कुछ चौंकाने वाले वजह सामने आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो खराब माइंस की लगातार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई थी और डिपो में खराब माइंस के कारण यह भीषण आग लग गयी।

केंद्रीय आयुध डिपो

केंद्रीय आयुध डिपो में भीषण आग का कारण ड़िफेक्टिव माइंस

ऑर्डिनेंस कॉर्प्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप भल्ला (रिटायर्ड)  के मुताबिक, एक बार वहां विस्फोट होने से पुलगांव का तापमान 45 से 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। ज़्यादा तापमान बढ़ जाने से आग लगने का भी ख़तरा बढ़ जाता है।

महाराष्ट्र में वर्धा जिले के पुलगांव सेना के हथियार डिपो केंद्रीय आयुध डिपो में लगी आग की वजह अब तक सामने नहीं है लेकिन को सूत्रों कि माने तो डिपो में पड़े खराब माइंस की वजह से यह आग लगी थी।

चंद्रा ऑर्डिनेंस डिपो में तैयार की गई इन माइंस में शुरू से ही समस्या थी। वर्ष 2009-10 में जब 80,000 माइंस डिलीवर की गयी थी तभी उन माइंस में लगी फाइबर केसिंग उखड़ने लगी थी और टीएनटी निकलने लगा था। सेना ने ऑर्डिनेंस फैक्टरी और रक्षा उत्पादन विभाग को कम से कम 20 चिट्ठियां लिखीं और इसके ख़तरे बताए।

2009 में ऑर्डिनेंस फैक्टरी के विशेषज्ञों ने डिपो का दौरा किया, माइंस की मरम्मत का वादा किया, मगर कोई हल नहीं निकला

सेना के पास सरकार की मंज़ूरी के बिना ख़राब हथियार नष्ट करने का अधिकार भी नहीं है। दुखद यह भी है कि तमाम शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद ऐसे ही ख़राब हथियार सेना के दूसरे डिपो में भी हैं जहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

 

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पुलगांव में केंद्रीय आयुध डिपो (Central Ammunition Depo)  में आग लग गई थी जिसमें झुलसकर 15 डीएससी जवानों और सेना के दो अधिकारियों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हुए थे। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और वहां काफी देर तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे।

loading...
शेयर करें