केजरीवाल के प्रधान सचिव #RajendraKumar सहित पांच अफसर गिरफ्तार

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नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर दिल्ली की सत्ता तक पहुंचे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की सरकार को अब घोटालों का आरोप झेलना पड़ा है। यह आरोप लगा है खुद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार पर। कंप्यूटरों की खरीद में हुए 50 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में सीबीआई ने सोमवार को केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके अलावा सीबीआई ने चार अन्य लोगों – संदीप कुमार, दिनेश कुमार, तनुम शर्मा और अशोक कुमार को भी में लिया है। घोटाले के इस मामले में राजेंद्र कुमार को ‘किंगपिन’ बताया जा रहा है।

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केजरीवाल के प्रधान सचिव पर लगा घोटाले का आरोप

आपको बता दें कि गिरफ्तार किये गए इन अधिकारीयों पर आरोप है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली सरकार के विभागों से ठेके दिलाने में एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाया। इन आरोपों के तहत राजेंद्र कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अअधिकारी हैं। अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं।

राजेन्द्र कुमार की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सूबे के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया का कहना है कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 15 दिसंबर को सीबीआई ने इस मामले की जांच करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के पास स्थित राजेन्द्र कुमार के दफ्तर में छापेमारी की थी। इस छापेमारी के बाद सूबे की आप सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गई थी। तब से बराबर आप सरकार केंद्र पर बदनाम करने का आरोप लगा रही है।

 

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