केदारनाथ धाम के विकास का रोडमैप हो रहा तैयार

देहरादून। साल 2013 में सदी की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके केदारनाथ धाम के विकास के लिये सभी स्तरों पर कवायदें हो रही हैं। केदारनाथ धाम का विकास केंद्र की प्रसाद योजना के तहत भी किया जायेगा। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इसके लिए 50 करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है जिसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। केंद्र सरकार से बजट मिलते ही केदारनाथ धाम में नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किये जायेंगे।

केदारनाथ दाम 1

केदारनाथ धाम के अलावा अऩ्य तीर्थस्थल भी होंगे विकसित

बता दें कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की निगरानी में देश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनकी पुरातन शैली को बरकरार रखने के लिए पिलग्रिमेज रीजुवेनेशन एंड स्पिरीचुअली आंगमेंटेशन ड्राइव (प्रसाद ) योजना शुरू की गई है। योजना के पहले चरण में देश के 12 प्रमुख धार्मिक स्थलों केदारनाथ, अमरावती, विष्णुपद मंदिर (गया), कृष्ण मंदिर (द्वारिका), स्वर्ण मंदिर (अमृतसर), अजमेर, कांचीपुरम, वेलानकानी (तमिलनाडु), पुरी, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), कृष्ण जन्म भूमि (मथुरा) और कामाख्या देवी मंदिर (पश्चिम बंगाल) को चयनित किया है। प्रसाद योजना हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आंगमेंटेशन योजना (हृदय) का ही एक हिस्सा है। प्रसाद योजना को पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया है। इन 12 शहरों में से ज्यादातर शहर ऐसे हैं, जहां सालभर तीर्थयात्रियों की भीड़ रहती है। योजना के द्वारा शहर के तीर्थस्थलों को यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए और ज्यादा सुविधाजनक बनाया जाएगा। इस योजना से शहर के बेरोजगारों को रोजगार के साधन भी मिलेंगे।

केदारनाथ धाम 2

केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से योजना के पहले चरण के लिए 453.90 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत गया के विष्णुपद मंदिर के विकास के लिए 85.78 करोड़ का बजट दे भी दिया गया है। पर्यटन सचिव शैलेश बगौली के मुताबिक इसी योजना के तहत उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने केदारनाथ और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार से 50 करोड़ की राशि की मांग की है, इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गयी है।

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