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केदारनाथ में शून्य डिग्री से नीचे पर लहराया तिरंगा

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में इन दिनों बर्फ के चलते तापमान शून्य से नीचे है। केदारनाथ में शून्य डिग्री से नीचे -9 तक तापमान हो गया है। इतने कम तापमान के बावजूद केदारघाटी में पुनर्निर्माण कामों में लगे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान निम के श्रमिकों के जोश में कहीं से कमी नहीं आई है। विपरीत स्थितियों में रहते हुए इन जवानों ने गणतंत्र दिवस पर केदारनाथ धाम में तिरंगा फहराया।

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केदारनाथ में शून्य डिग्री 3

केदारनाथ में शून्य डिग्री के नीचे भी जवानों का हौसला बुलंद

साल 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद केदारनाथ में सब कुछ तहस नहस हो गया था। हर साल केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद से वहां दैनिक गतिविधियां ठप हो जाती थीं और चारों तरफ केवल बर्फ ही बर्फ नजर आती है। लेकिन नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निगम) को केदारनाथ में शून्य डिग्री के नीचे पुनर्निर्माण कामों का जिम्मा मिला तो वर्ष 2014 से शीतकाल में भी वहां संस्थान के जवान और श्रमिक पूरी शिद्दत से कामों को पूरा करने में लगे हुए हैं। यहां काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या करीब साढ़े चार सौ है। विपरीत स्थियों में रहते हुए भी ये जवान यहां हर त्योहार मना रहे हैं। और जब बात राष्ट्रीय पर्व को मनाने की हो तो फिर इन जवानों का हौसला बढ़ना स्वाभाविक है। गणतंत्र दिवस के मौके पर सुबह निगम के सूबेदार देवेंद्र सिंह ने केदारनाथ में ध्वजारोहण किया। इस दौरान वहां मौजूद श्रमिकों ने राष्ट्रगान के साथ ही देश भक्ति के गीत भी गाए।

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केदारनाथ में शून्य डिग्री 6

केदारनाथ के पुनर्निर्माण में सीबीआरआई भी करेगा सहयोग

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कामों की जिम्मेदारी फिलहाल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान  के पास है। लेकिन जल्द ही केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) भी निम का सहयोग करेगा। इस बात की जानकारी सीबीआरआई के निदेशक यादवेंद्र पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि सीबीआरआई फिलहाल कुतुबमीनार, ताजमहल, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ का किला, कोणार्क का सूर्य मंदिर, काशी का श्री विश्वनाथ मंदिर और शिमला के वायसराय भवन जैसी राष्ट्रीय धरोहरों पर कार्य कर रहा है। और अब उसे केदारनाथ की जिम्मेदारी भी मिली है जिसमें वो हरसंभव मदद देगा।

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केदारनाथ में शून्य डिग्री 5

सीबीआरआई निदेशक ने कहा कि जून 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई भीषण आपदा में मंदिर के मुख्य ढांचे को छोड़कर सबकुछ नष्ट हो गया था। इस कारण वहां पर स्थायी निर्माण कार्य कराना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान द्वारा कराए जा रहे कामों में तकनीकी विशेषज्ञता देने का काम सीबीआरआई करेगा।

उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से पुरोहितों के लिए आवास निर्मित करने और घाटों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। करीब डेढ़ सौ भवन बनाए जा चुके हैं। इतनी ही संख्या में दो मंजिले भवनों का निर्माण भी किया जाएगा। भविष्य में आने वाली आपदाओं से केदारनाथ मंदिर को कोई क्षति न पहुंचे, इसके लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा पर काम किया जा रहा है। रॉकफाल बैरियर और आरसी काउंटर फोर्ट बनाए गए हैं, जिससे आपदा के दौरान आने वाले बड़े-बड़े पत्थर और सैलाब मंदिर को क्षति नहीं पहुंचा सके।

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