हैवानियत का अड्डा बना यूपी, 8वीं कक्षा के छात्र को किडनैप कर बदमाशों ने बेरहमी से की हत्या

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गोरखपुर। माता पिता अपने बच्चों को अपने जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं। खासकर अगर एक परिवार में पांच बेटियों में एक अकेला लड़का हो तो उस लड़के की देखभाल में पैरेंट्स कोई कमी नहीं रखते हैं। ठीक ऐसा ही एक मामला मामला कुशीनगर जिले के एक गांव बृजमनगंज का है। जहां 24 जून को आठवीं कक्षा के 18 वर्षीय छात्र कैलाश को किडनैप कर लिया गया। जिसके कुछ दिन के बाद छात्र कैलाश की कुशीनगर में बेरहमी से हत्या कर शव को तरयासुजान के ओझवलिया गांव में फेंक दिया। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला।

कैलाश को किडनैप

कैलाश को किडनैप कर बेरहमी से हत्या कर दिया गया 

दरअसल कैलाश के पिता राधेश्याम मुम्बई में रह कर व्यवसाय करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। पांच बेटियों के बाद कैलाश का जन्म हुआ था। अभी वह बृजमनगंज के ही अलमाईटी इंटर कॉलेज से आठवीं की पढ़ाई कर रहा था। 24 जून को भोजन करने के बाद घर पर आराम कर रहा था। इसी बीच उसके पास पटीदारी के चाचा किशन का फोन आया। जिसके बाद मां बिंद्रावती को बताकर वह किशन के पास चला गया। काफी देर बाद वह नहीं लौटा तो बड़ी बहन किशन के घर गई। लेकिन कैलाश वहां नहीं मिला। शाम करीब छह बजे मां के मोबाइल पर किसी ने फोन कर बताया कि सौरहा प्राथमिक विद्यालय पर कैलाश दोस्तों के साथ है। परिजन वहां भी गए लेकिन कोई नहीं मिला। खोजबीन रातभर चली। कैलाश का पता नहीं चला। इस पर 25 जून को थाने में गुमशूदगी दर्ज कराई गई।

नंबर को सर्विलांस पर लगाने से आरोपी हुआ गिरफ्तार

जब इस बात की खबर पिता राधेश्याम को चली तो 27 जून को मुम्बई से घर लौट आए। तभी उसी शाम को  बेटे कैलाश के नंबर से मैसेज आया कि एक लाख रुपए दे दो नहीं तो बेटे की हत्या कर दी जाएगी। इस मैसेज को देखने के बाद पूरा परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। जैसे ही पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो इसका लोकेशन कुशीनगर जिले के तरयासुजान में मिली। इस पर पुलिस 29 जून को तरयासुजान पहुंच सीएचसी में तैनात किशन के बड़े भाई गोपाल को उठाई। पूछताछ में उसने बताया कि कैलाश के सिम को अपने मोबाइल में लगाकर उसी ने राधेश्याम को फिरौती का मैसेज किया था। वहीं पुलिस से पूछताछ में गोपाल ने अपहरण से लेकर हत्या तक की पूरी कहानी बयां कर दी। पुलिस एक मई को गोपाल और उसके भाई किशन को हिरासत में लेकर बृजमनगंज पहुंची। दो मई को परिजनों को कैलाश की हत्या की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।  पूछताछ में गोपाल ने बताया कि कैलाश की हत्या अपहरण के अगले ही दिन 25 जून को ही कर दी। शव ओझवलिया गांव में फेंक दिया। तरयासुजान पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टामार्टम के बाद शिनाख्त के लिए रखा। गोपाल ने स्वीकारा कि हत्या उसने की।

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