पीएम मोदी के कैशलेस इंडिया के सपने को इस गांव ने किया साकार

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कैशलेस गांवतेलंगाना। तेलंगाना राज्य के विधानसभा क्षेत्र का इब्राहिमपुर गांव दक्षिण भारत का पहला कैशलेस गांव बन गया है। डिजिटल इंडिया का सपना साकार करने के लिए नोटबंदी के खिलाफ बोलने वालों के लिए इस गांव ने एक मिशाल पेश की है। राज्‍य के सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव द्वारा गोद लिए गए इस गाँव की आबादी करीब 1,200 है और सभी के बैंक खाते खोलने से लेकर डेबिट कार्ड एवं स्वाइपिंग मशीने वितरित करने का काम पूरा हो गया है इस गाँव में किसी भी तरह का लेन-देन नकद में नही होता है।

कैशलेस गांव बन कायम की मिशाल

इस गांव के 70% ग्रामीणों के पास पहले से ही बैंक अकाउंट थे, लेकिन पिछले एक महीने के बाकी लोगों के भी अकाउंट आन्ध्र बैंक की नजदीकी शाखा में खुलवा दिए उसमे गाँव के बच्चे, बूढ़े और महिलाये और पुरुष शामिल है।

इब्राहिमपुर निवासी 20 वर्षीय श्यामला जो वहीं पर एक दिहाड़ी मजदूर हैं उसने बताया है कि अब उसका पति हर शाम को उसकी खून पसीने की कमाई को शराब में खर्च करने के लिए तंग नहीं करता है। इसलिए वो बहुत खुश हैं और शायद इससे पहले वो कभी इतनी खुश नहीं हुई, इसके साथ ही श्यामला बताती हैं कि अब मेरे पास एक रुपया भी नहीं है क्योंकि मेरे पास जो भी है। वो सब मेरे डेबिट कार्ड में है मैं प्रतिदिन 200 से 250 रूपये कमाती हूं और उसको उसी दिन उसको अपने आंध्रा बैंक के अकाउंट में जमा कर देती हूं अब मैं अपने पति को एक आना भी नहीं देती हूं

गांववाले अपने कार्ड्स स्वाइप करके उनकी ज़रूरत का सामान खरीद सकते हैं. राजेश जो कि एक किराने की दुकान चलाते हैं कहना है कि मैं अपनी दुकान में किसी भी ग्राहक से कैश नहीं लेता हूं, ताकि गांव के लोग अपने स्मार्ट कार्ड्स का इस्तेमाल करें और कैशलेस सोसाइटी की ओर कदम बढ़ाएं जल्द ही गांव में मुफ़्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी जैसे ही एक बार हमको वाई-फाई की सुविधा मिल जायेगी तब हम पूरी तरह से हाई-टेक और स्मार्ट बन जायेंगे। अब इस गांव को लोग कैशलेस गांव के नाम से भी पुकारते हैं।

जल्द ही समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। बताया गया कि मंत्री टी. हरीश राव ने बैंक अधिकारियों से कहा है कि गांववालों को आपात स्थिति में नकद भी दिया जाए, जो वो अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके बैंक से निकाल सकें। गौरतलब है कि इस गांव में पीने के पानी के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन भी लगी हैं जिसको स्मार्ट कार्ड्स से स्वाइप करके उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही येला रेड्डी बताते हैं कि गांववाले किसी भी टाइम यहां से अपने एनी टाइम वाटर कार्ड से पानी ले सकते हैं। उनको बस मशीन में अपने कार्ड को स्वाइप करना है और वो एक बार में 20 लीटर पानी ले सकते हैं।

पीएम मोदी द्वारा 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले जिसमें 1000 और 500 के पुराने नोट को रद्द कर दिए गये थे उसके बाद से देश कैश की कमी के संकट से जूझ रहा है। पूरे देश में कैश निकालने के लिए लोग एटीएम और बैंक्स के सामने लम्बी-लम्बी कतारों में खड़े हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कालेधन को वापस लाना था। इसके अलावा ये देश को तेज़ी से डिजिटल और कैशलेस सोसाइटी की ओर अग्रसर करना भी था। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन्टरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग को यूज़ करें और अपने बैंक एकाउंट्स भी खुलवाएं।

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