#नोटबंदी के बाद अब आपके सैलरी अकाउंट पर है मोदी सरकार की नजर

देहरादून। नोटबंदी द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के बाद मोदी सरकार अब कैश के लेनदेन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुकी है। जी हां सेविंग और सैलरी अकाउंट में अब एक महीने में अगर आप चार बार से ज्यादा नकद का लेनदेन करते हैं तो, आपको कैश हैंडलिंग चार्ज देने पड़ेंगे। इतना ही नहीं अगर आप एक महीने में दो लाख रुपये से अधिक कैश का लेनदेन करते हैं तो, इसपर भी अतिरिक्त चार्ज लगेगा।

कैश के लेनदेन

कैश के लेनदेन पर शिकंजा कसने की तैयारी में मोदी सरकार

इन सब में सबसे अहम बात यह है अगर आप किसी दूसरे के बैंक खाते में एक रुपया कैश जमा करते हैं तो इसके लिए तय किया गया शुल्क चुकाना होगा। बता दें कि फ़िलहाल यह नियम एक मार्च से लागू किया जायेगा। वहीं एचडीएफसी सहित कई ऐसे निजी बैंकों ने इसकी दरें भी जारी कर दी हैं। सरकारी बैंकों ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी। एचडीएफसी बैंक ने अपनी ओफिसियल वेबसाइट पर दरें जारी करते हुए खाताधारकों से बैंक के शाखा में जाकर नई दरों की जानकारी लेने के लिए कहा है।

पांच बार से अधिक ट्रांजेक्शन करने पर लगेगा हैंडलिंग चार्ज

वहीं किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते में अगर एक महीने में पांच बार कैश ट्रांजेक्शन करते हैं तो इसके लिए आपको 150 रुपये कैश हैंडलिंग चार्ज के साथ-साथ सर्विस टैक्स और सेस मिलाकर करीब 173 रुपये देने पड़ेंगे। अगर खाताधारक का खाता होम ब्रांच में है तो, वह एक महीने में अधिकतम दो लाख रुपये चार किस्तों में बिना किसी चार्ज जमा करा सकता है। वहीं होम ब्रांच में दो लाख से अधिक कैश जमा कराने पर पांच रुपये प्रति हजार, 150 रुपये कैश हैंडलिंग चार्ज, सर्विस टैक्स और सेस अलग से लगेगा।

खास बात यह है कि दो लाख के बाद एक रुपया भी जमा किया तो 150 रुपये कैश हैंडलिंग चार्ज, सर्विस टैक्स, सेस और पांच रुपये प्रति हजार शुल्क लगेगा। नॉन होम ब्रांच के जरिये अपने खाते में एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपये जमा कराए जा सकते हैं। इससे ऊपर कैश जमा कराने पर पांच रुपये प्रति हजार के अलावा 150 रुपये, सर्विस टैक्स और सेस लगेगा।

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