कोरोना का अगला हॉटस्पॉट बन सकता है ये राज्य, तेजी से बढ़ी संक्रमितों की संख्या

कोरोना वायरस महामारी का कहर देशभर में जारी है। संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। देश में तीन राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हैं लेकिन अब तेलंगाना और कर्नाटक कोरोना के अगले हॉटस्पॉट हो सकते हैं। दोनों राज्यों में ही कोरोना के पॉ़जिटिव मामलों की उच्चतम वृद्धि दर देखने को मिल रही है।

तेलंगाना और कर्नाटक कोरोना मामलों की उच्च वृद्धि दर, उच्च पॉजिटिव दर और कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित कम से कम एक बड़े शहरी केंद्र की वजह से अगले हॉटस्पॉट बन सकते हैं। तेलंगाना में मंगलवार तक कोरोना वायरस के कुल 25,733 मामले थे। इसी के साथ तलंगाना देश में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश के बाद छठां सबसे प्रभावित राज्य बन गया।
पिछले दो हफ्तों में राज्य में कोरोना की मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तेलंगाना में पिछले दो हफ्तों में औसतन हर दिन 1,219 नए मामले दर्ज किए गए। तेलंगाना कोरोना जांच के मामले में भी बहुत पीछे है। राज्य में हर दस लाख लोगों में से 3,284 लोगों की परीक्षण दर है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 7,661 है।
2,210 परीक्षण दर के साथ बिहार सबसे पीछे है जबकि तेलंगाना दूसरे स्थान पर है। इन दोनों राज्यों में कोरोना की जांच दर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे कम है। 20,535 कोरोना मामलों और 1,419 मौतों के साथ हैदराबाद राज्य में सबसे प्रभावित शहर है।

कर्नाटक में इस समय कोरोना मामलों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में मंगलवार तक कुल 25,317 दर्ज किए गए जिसके बाद कर्नाटक देश का सातवां सबसे प्रभावित राज्य बन गया है। राज्य में पिछले 10 दिनों में विशेष रूप से भारी वृद्धि देखी गई है। कर्नाटक में पिछले दो हफ्तों में हर दिन 1,137 नए मामले दर्ज किए, जबकि इससे पहले यह संख्या सिर्फ 260 थी।

देश में तेलंगना इस समय कोरोना पॉजिटव दर में पहले स्थान पर है। उसके बाद महाराष्ट्र (22 फीसदी), तमिलनाडु (12 फीसदी), दिल्ली (11 फीसदी) और गुजरात (9.7 फीसदी) हैं। कर्नाटक 9.4 फीसदी की पॉजिटिव दर के साथ पांचवें स्थान पर है। कोरोना जांच के मामले में कर्नाटक बहुत अच्छा कर रहा है।

राज्य में हर दस लाख लोगों में से 10,978 लोगों की कोरोना जांच की जा रही है जोकि राष्ट्रीय स्तर से काफी ऊपर है। कर्नाटक में सबसे ज्यादा मामले बंगलूरू में है। 10,561 मामलों के साथ बंगलूरू राज्य का सबसे प्रभावित शहर है।

Related Articles