कौमी एकता दल का फिर से हो सकता है समाजवादी पार्टी में विलय

0

लखनऊ। कौमी एकता दल के नेता अफजाल अंसारी और उनके छोटे भाई मुख्तार अंसारी की पार्टी का सपा में फिर से विलय हो सकता है। सूत्रों से जो खबरें मिल रहीं हैं उसके मुताबिक सपा चीफ मुलायम सिंह यादव खुद कौमी एकता दल का सपा में विलय को अंजाम तक पहुंचाने मे जुट गए हैं।

अयोध्या

कौमी एकता दल का सपा में विलय कर सकता है कमाल

सपा प्रमुख मुलायम सिंह को लगता है कि पूर्वांचल में पार्टी की मजबूती के लिए कौमी एकता दल का सपा में विलय होना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो शिवपाल यादव की हनक भी साफ-साफ दिखाई पड़ेगी। जो इन दिनों पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

जून में हुआ था विलय

इसी साल जून में मंत्री बलराम सिंह यादव की मध्यस्थता और शिवपाल सिंह यादव की पहल के बाद पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कौमी एकता दल के विलय को हरी झंडी दे दी थी।

सीएम अखिलेश ने जताई थी नाराजगी

शिवपाल यादव ने पार्टी ऑफिस में बाकायदा इसका ऐलान भी कर दिया था, तब उस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद नहीं थे। बाद में मीडिया में मामला उछलने पर अखिलेश ने मुख्तार को लेकर पार्टी फोरम में अपनी नाराजगी जाहिर की थी। और सीएम अखिलेश ने यह ऐलान किया कि वो किसी भी कीमत पर मुख्तार अंसारी को पार्टी में नहीं लेंगे। इसके बाद अखिलेश की नाराजगी को देखते हुए समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस विलय को रद्द कर दिया गया था।

कौमी एकता दल का सपा में विलय

हमारे साथ धोखा हुआ: अफजाल अंसारी

इसको लेकर अफजाल अंसारी बेहद नाराज हुए थे और उन्‍होंने तब ये कहा था कि उनके साथ धोखा हुआ है और वो पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी को उसकी औकात बता देंगे। कौमा एकता दल के दो विधायक हैं मुख्तार अंसारी और सिबकतउल्ला अंसारी। हालांकि इस बारे में जब हमने अफजाल अंसारी से बात की तो उन्होंने कहा कि उनकी बात पिछले दिनों शिवपाल सिंह यादव से हुई तो है मगर वापसी को लेकर कोई चर्चा नही हुई है। फिलहाल वो पिछले बीस दिनों से टायफाइड से पीडि़त हैं और आज इलाज के लिए दिल्‍ली जा रहे हैं।

शिवपाल सिंह यादव

नाराज चल रहे हैं शिवपाल

कौमी एकता दल का सपा में विलय रद्द होने के बाद से ही शिवपाल नाराज रहे थे। उन्हें मनाने की कोशिशें जारी थीं, लेकिन रविवार को मैनपुरी में शिवपाल ने काफी तीखे बोल बोले और कहा कि उनकी पार्टी के दबंग लोग जमीन कब्जा करने और अवैध शराब के धंधे मे लिप्त हैं। अफसर भ्रष्ट हैं और उनकी बात कोई नहीं सुन रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो पार्टी से वो इस्तीफा दे देंगे।

अखिलेश यादव

घट सकता है अखिलेश का कद

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि शिवपाल ने तीन बार उनको अपना इस्तीफा सौंपा है, मगर हर बार उन्‍होंने उन्‍हें रोक लिया है। मुलायम सिंह ने कहा कि अगर शिवपाल यादव ने पार्टी छोड़ दी तो सरकार की ऐसी तैसी हो जाएगी। मुलायम के इन तेवरों से साफ जाहिर है कि पार्टी के नीतिगत फैसले अब मुलायम, शिवपाल और राम गोपाल ही लेंगे। अखिलेश की भूमिका अब कमतर नजर आएगी।

loading...
शेयर करें