क्या गठिया की दवा कोरोना का इलाज कर सकता है क्लीनिकल ट्रायल में खुलासा

नई दिल्ली:ग्रीस में कोरोना वायरस के इलाज में कोल्चिसिन दवा का सकारात्मक प्रभाव देखा गया है. कोल्चिसिन गठिया के रोग में इस्तेमाल की जानेवाली पुरानी दवा है. विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित 105 मरीजों पर परीक्षण किया. इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ.कोरोना वायरस के इलाज में गठिया की दवा का क्या काम?

ऑनलाइन शोध जर्नल ‘JAMA NETWORK OPEN’ में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक क्लीनिकल ट्रायल में 105 कोरोना संक्रमित मरीजों पर कोल्चिसिन दवा के प्रभाव का अध्ययन किया गया. इस दौरान तमाम मरीजों को पारंपरिक दवा का सेवन कराया जा रहा था. क्लीनिकल ट्रायल के तहत 55 मरीजों को कोल्चिसिन नहीं दिया गया

जबकि 50 मरीजों ने सामान्य दवा के साथ कोल्चिसिन का इस्तेमाल किया. कोल्चिसिन दवा का इस्तेमाल करनेवाले मरीजों को प्रतिदिन तीन हफ्ते तक खुराक दी गई. करीब एक महीने तक जारी रहनेवाले शोध में कोल्चिसिन इस्तेमाल नहीं करनेवाले मरीजों में से 7 की स्थिति खराब हो गई जबकि प्रतिदिन एक गोली कोल्चिसिन लेनेवाले मरीजों में से सिर्फ एक की तबियत ज्यादा खराब होने का पता चला.

क्लीनिकल ट्रायल में Colchicine के नतीजे सकारात्मक

शोध के दौरान विशेषज्ञों को क्लीनिक ट्रायल के नतीजे आशावान जरूर दिखे मगर उन्होंने अपने शोध को सीमित पैमाने पर करने की बात कही. उन्होंने ये भी बताया कि इस बारे में अभी और गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने की जरूरत है.

फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में मदद पहुंचाने के लिए दवा का सुझाव नहीं देने की अपील की. कोरोना वायरस संक्रमण से फैली महामारी के इलाज पर दुनिया भर में शोध जारी है. इसके लिए 100 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है. कोरोना वायरस को मात देनेवाले मरीजों के ब्लड प्लाजमा से भी इलाज पर शोध जारी है. विशेषज्ञों के मुताबिक कोल्चिसिन का परीक्षण भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है.

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