सूचना सिद्धांत के जनक पर गूगल का डूडल

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नई दिल्ली। सूचना सिद्धांत के जनक क्लाड शैनन के 100वें जन्मदिन पर गूगल ने उनका डूडल बनाया। 1949 में दिया गया शैनन का सूचनाओं की आवाजाही का सिद्धांत काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने ही सूचना सिद्धांत तैयार किया। उन्होंने ‘बिट’ की खोज की थी, जिसके आधार पर ही कंप्यूटर काम करते हैं। अगर आप शैनन की उम्र कंप्यूटर की बायनरी भाषा में लिखना चाहे तो यह ‘1100100’ होता है।

क्लाड शैनन
क्लाड शैनन

क्लाड शैनन का जन्मदिन

क्लाड शैनन ने महज 21 साल की उम्र में मैसाचुसेट्स आईटी संस्थान से परास्नातक उपाधि हासिल की थी। उन्होंने वहां एक शोध प्रबंध लिखा था|

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शैनन ने वी 1 और वी 2 मिसाइल को पकड़ने वाला मशीन बनाया। उन्होंने एनक्रिप्टेड कोड को तोड़ने का बुनियादी सिद्धांत तैयार किया। उन्होंने कोड तोड़ने के बुनियादी कार्य सहित क्रिप्ट विश्लेषण के क्षेत्र में भी योगदान दिया।

वे 1956 में एमआईटी के विजिटिंग प्रोफेसर थे और 1958 में उन्हें स्थायी नियुक्ति दी गई। वहां शैनन ने वेनेवर बुश के सहयोगी के रूप में शुरुआती मैकेनिकल कंप्यूटरों पर काम किया। बुश ने वर्ल्ड वाइड वेब (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के शुरू होने के 40 साल पहले ही इसकी भविष्यवाणी की थी।

शैनन ने बेटी मूर से 1939 में शादी की और उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। वे पूरी तरह अपने काम में डूबे रहते थे और कम सामाजिक थे। उनके दिन की शुरुआत गणित केंद्र के निदेशक के साथ शतरंज के खेल से शुरू होती थी और देर शाम तक वे अपने काम में डूबे रहते थे। फरवरी 2001 में उनकी मौत हो गई। मौत से पहले वे भूलने की बीमारी अल्जाइमर्स का शिकार हो गए थे।

अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, भारत, जर्मनी, स्पेन, स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, ओमान सहित कई देशों में गूगल डूडल आज शैनन को याद कर रहा है। इसी बहाने क्लाड शैनन को जानने की आपकी ख्वाहिश भी पूरी हो जाएगी।

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