पीएम मोदी की ‘चाय पर चर्चा’ के बाद अब राहुल करेंगे ‘खाट सभा’

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लखनऊ। कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को काफी गंभीरता से ले रही है। यही कारण है कि आईटी से जुड़े हाइटेक नौजवानों की फौज रखने वाले प्रशांत किशोर (पीके) को कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रबंधन का कार्य सौंप दिया है। पीके कुछ पुरानी तो कुछ नई रणनीतियां बनाकर उस दिशा में कांग्रेस पार्टी को चलने की सलाह आए दिन दे रहे हैं। पुरानी रणनीतियों की बात करें तो नरेंद्र मोदी के लिए चाय पर चर्चा का हिट प्रोग्राम बनाने वाले पीके ने अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए ‘खाट सभा’ के नाम से एक कार्यक्रम तय किया है।

खाट सभा

खाट सभा से यूपी में चुनावी शंखनाद करेंगे राहुल गांधी, किसानों से होंगे रू-ब-रू

राहुल अपनी खाट सभा में किसानों से उनकी समस्याओं के लिए रू-ब-रू होंगे। राहुल के इन कार्यक्रमों से सत्ता के गलियारों में यह चर्चा होने लगी है कि राहुल गांधी ‘खाट सभाओं’ के सहारे उप्र की सत्ता की राह चलने की तैयारी कर रहे हैं।

कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री सत्येदव त्रिपाठी के मुताबिक, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आगामी छह सितंबर से उप्र में अपनी एक ‘किसान यात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं। छह और सात सितंबर की इस यात्रा के दौरान राहुल चार ‘खाट सभाएं’ लगाएंगे और जनसभाओं के साथ-साथ रोड शो भी करेंगे।

त्रिपाठी ने बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी छह सितंबर को रुद्रपुर, देवरिया से गोरखपुर तक ‘किसान यात्रा’ निकालेंगे। इस दौरान यात्रा के पहले दिन राहुल जनपद देवरिया में दो ‘खाट सभाएं’, जनसभाएं करेंगे। इस दौरान राहुल किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में रू-ब-रू होंगे।

इसी तरह यात्रा के दूसरे दिन सात सितंबर को राहुल गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरखपुर में राहुल रोड शो करेंगे तो शेष दो ‘खाट सभाओं’ के साथ-साथ जनसभाएं भी आयोजित करेंगे। छह सितंबर से मिशन उप्र पर निकलने वाले राहुल गांधी महायात्रा के दौरान गांवों से गुजरते वक्त ग्रामीण मतदाताओं के साथ खाट पर बैठकर बातचीत करेंगे।

चर्चा यह भी है कि मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का जवाब देने के लिए कांग्रेस राहुल को अयोध्या ले जाकर रामलला के दर्शन कराने की भी योजना बन रही है। लेकिन पार्टी में दो राय होने की वजह से यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया गया है।

 

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