खादी के कपड़े बनेंगे स्कूल ड्रेस और पुलिस की वर्दी

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नई दिल्ली। खादी के कपड़े अब केवल नेताओं की शान नहीं होंगे। सरकारी स्कूलों से लेकर भारतीय रेल, इंडियन एयरलाइंस, सरकारी अस्पतालों और पुलिसफोर्स की वर्दी जल्दी ही खादी की होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत देश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहते हैं और खादी के कपड़े इसमें अहम रोल निभा सकते हैं।

खादी के कपड़े

खादी के कपड़े बनेंगे स्टाइल स्टेटमेंट

महात्मा गांधी की जयंती पर पीएम मोदी ने स्वदेशी खादी पहनने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि खादी पहनकर हम बापू को श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अब सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्रालय ने इस बारे में एक लेटर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को लिखा है कि सरकारी स्कूलों की ड्रेस खादी की बनवाई जाए। इसके अलावा इस बात की भी चर्चा चस रही है कि तमाम सरकारी विभागों में भी खादी के कपड़े की वर्दी हो। इनमें भारतीय रेल, पुलिस फोर्स, सरकारी अस्पताल और एयरलाइंस शामिल हैं।

सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्रालय को भी लगता है कि इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है। देश में सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के तौर पर खादी के कपड़े के लिए एक बड़ा बाजार मौजूद है। स्कूली बच्चे अगर खादी के कपड़े पहनेंगे तो धीरे-धीरे ये एक फैशन भी बन सकता है।

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सीईओ अरुण कुमार झा के अनुसार पीएम मोदी के स्टाइल स्टेटमेंट की वजह से खादी को काफी लाभ पहुंचा है। सरकार के इन कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है। हम भी चाहते हैं कि खादी के कपड़े स्कूल, पुलिस, अस्पताल, रेलवे की यूनिफॉर्म बने। इससे न केवल हम खादी को बढ़ावा दे सकते हैं बल्कि बड़े पैमाने पर रोज़गार भी पैदा कर सकते हैं।

एयर इंडिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1.21करोड़ का ऑर्डर भी दे दिया है। खादी के कपड़ों की इन किट्स का इस्तेमाल फर्स्ट क्लास और बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग कुछ चुनिंदा एयर पोर्ट्स पर खादी के कपड़ों के शोरुम भी कोलने जा रहा है।

दूसरी तरफ भारतीय रेल पहले से ही खादी के कपड़े की बेडशीट इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा अस्पतालों के भी परदे, बेडशीट और पुलिस की वर्दी खादी की करने को कहा गया है।

पीएम मोदी ने भी जोर दिया था कि आपके कपड़ों में एक खादी का जरूर होना चाहिए, इससे हम एक गरीब के परिवार में रोशनी ला सकते हैं। गौरतलब है कि खादी के बिक्री कुछ समय पहले तक नेगेटिव जोन में पहुंच गई थी जिसमें एकाएक अब भारी उछाल आ गया है।

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