खिचड़ी मेले की आन योगी कमांडो

वेद प्रकाश पाठक/गोरखपुर। खिचड़ी मेले में योगी की निजी सेना बीते एक दशक से महत्वपूर्ण रोल अदा कर रही है। इस बार भी 1500 योगी सेवक कमांडो की तरह मेले में मुस्तैद रहेंगे। इनका काम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी सुविधा का ख्याल रखना है। खास बात यह है कि खिचड़ी मेले में चप्पे-चप्पे पर जितने पुलिसकर्मी रहते हैं उतनी ही तादाद में स्वयंसेवक और योगी सेवक भी सक्रिय नजर आते हैं। पठानकोट हमले के बाद मेले की सुरक्षा प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में इन स्वयंसेवकों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। एक महीने तक चलने वाले इस मेले में पूर्वांचल की जनता की बड़ी भागीदारी होती है।

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गोरक्षपीठ के महंत और भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ के पास विश्व हिन्दू महासंघ और हिन्दू युवा वाहिनी नामक दो बड़े संगठन है। हियुवा एक गैर राजनीतिक संगठन है जिसमें सर्वाधिक नौजवान ही हैं। खिचड़ी मेले में इन संगठनों की भूमिका बढ़ जाती है। पार्किंग से लेकर मंदिर के मुख्य परिसर तक संगठन से जुड़े लोग सक्रिय दिखाई देते हैं। इस साल भी एनसीसी, एनएसएस और स्काउट के स्वयंसेवकों के अलावा योगी ने पर्याप्त मात्रा में अपने लोगों को मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप रखी है। ये स्वयंसेवक पहचान पत्र के साथ मेले में मौजूद रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर उसे रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे।

सात वाच टावर और 100 से अधिक सीसीटीवी

पूरे खिचड़ी मेले की निगरानी के लिए 7 वाच टावर बनाए गए हैं। मेले में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और मेला परिसर का थाना 24 घंटे सक्रिय रहेगा। बीते 11 जनवरी की शाम को नए डीएम ओएन सिंह, एसएसपी लव कुमार समेत तमाम पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में महंत योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। एसएसपी ने महंत को आश्वस्त किया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं आएगी।

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खिचड़ी मेले में जुटेंगे 10 लाख लोग

मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी चढ़ाने और मेले में शामिल होने के लिए करीब 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम, रेलवे, रोडवेज, जीडीए, विद्युत निगम समेत सभी विभागों से लोगों की सुविधा के लिए इंतजाम करने को कहा गया है। उन सभी मार्गों पर पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है जहां से श्रद्धालुओं के गुजरने की संभावना है। पार्किंग स्थल भीड़भाड़ से काफी दूर बनाया गया। ऐसा सुरक्षा के नजरिये से भी किया गया है।

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