अब खेलने का शौक पड़ सकता है जेब पर भारी

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देहरादून। दो साल बाद यानी साल 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेल की तैयारियों में जुटी रावत सरकार ने खिलाड़ियों को झटका दिया है। सरकार ने खिलाड़ियों को झटका देते हुए खेल नीति में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत खेल, स्टेडियम की बुकिंग दरों के साथ ही प्रशिक्षण शिविरों के शुल्क में भी वृद्धि की गयी है।

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खिलाड़ियों को झटका हर खेल में

नए आदेश के मुताबिक अब ए श्रेणी के स्टेडियम में क्रिकेट अभ्यास के लिए पिच का किराया प्रति दो घंटे के लिए 200 के बजाय 800 रुपये देना होगा। राज्य स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम की बुकिंग शुल्क को 500 से बढ़ाकर 1600 रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का शुल्क एक हजार के बजाय 3100 रुपये होगा। जिला स्तरीय एथलेटिक्स मैदानों के लिए अब 500 की जगह 1550 रुपये देने होंगे। इसी प्रकार कुश्ती, जूडो, ताइक्वांडो, कराटे हॉल की बुकिंग अब 200 की जगह 650 रुपये में होगी। इसके साथ ही 800 रुपये उपकरण और बिजली शुल्क के रूप में भी जमा करने होंगे।

जिला स्तरीय कबड्डी, खो-खो, हैंडबाल, शूटिंग बॉल, नेटबॉल, तलवारबाजी कोर्ट का किराया 75 से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। जिला स्तरीय बास्केटबाल कोर्ट की फीस 100 रुपये से बढ़ाकर 300 और बैडमिंटन, स्क्वैश कोर्ट की फीस 200 से बढ़ाकर 650 रुपये कर दी गई है। साथ ही प्रतिदिन 800 रुपये विद्युत शुल्क भी देना होगा।

वहीं जिला स्तरीय टेबल टेनिस कोर्ट, वेट लिफ्टिंग और बाक्सिंग रिंग का किराया 150 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। टेबल टेनिस और बाक्सिंग रिंग के लिए विद्युत शुल्क 800 रुपये और वेट लिफ्टिंग हॉल में बिजली और उपकरणों के लिए 1600 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। नए शासनादेश के मुताबिक जिला स्तरीय स्कूली मैदानों के लिए 500 की जगह एक हजार रुपये और जिला स्तरीय तरणतालों के लिए 1600 रुपये देने होंगे।

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प्रशिक्षण शिविरों के प्रवेश शुल्क में भी वृद्धि

खेल प्रशिक्षण शिविरों का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब क्रिकेट, एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबाल, कुश्ती, बास्केटबाल के खिलाड़ियों को 50 की जगह 125 रुपये सालाना देने होंगे। बैडमिंटन खिलाड़ियों को 230 की जगह 500 रुपये और तैराकी के लिए दोगुना शुल्क 600 रुपये देना होगा। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षिण शिविरों के शुल्क में थोड़ी रियायत दी गई है। इन क्षेत्रों के खिलाड़ियों को क्रिकेट, एथलेटिक्स, हाकी, फुटबाल, कुश्ती, बास्केटबाल शिविर के लिए 70 रुपये सालाना देने होंगे। जबकि बैडमिंटन शिविर के लिए 300 रुपये देने होंगे। तैराकी के लिए मैदानी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को 600 रुपये जबकि पर्वतीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को 400 रुपये देने होंगे।

शौकिया खिलाड़ियों से भी होगी शुल्क वसूली

शौकिया तौर पर खेलने वाले लोगों से भी अब शुल्क वसूला जाएगा। तैराकी के लिए हर महीने 800 रुपये की फीस तय की गई है। इसके साथ ही अन्य इंडोर गेम्स के लिए 400 रुपये, ऑउटडोर गेम्स के लिए 300 रुपए हर महीने शुल्क देना होगा। वहीं बैडमिंटन, स्क्वैश और टेनिस के खिलाड़ियों का शुल्क हर महीने 200 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि शौकिया खिलाड़ियों को खेल विभाग की तरफ से कोई उपकरण या सामग्री नहीं दी जाएगी।

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