अर्द्धकुंभ मेले में बंदरों ने उड़ाई खुफिया विभाग की नींद  

0

हरिद्वार। सामान्य तौर पर खुफिया विभाग की दस्तक से अच्छे-अच्छों की नींद उड़ जाती है। लेकिन इन दिनों खुफिया विभाग की नींद और चैन सब कुछ उड़ा हुआ है। उसको ये तनाव किसी और ने नहीं बल्कि अर्द्धकुंभ क्षेत्र के उत्पाती बंदरों ने दिया है। हरिद्वार में बंदरों ने अर्द्धकुंभ के लिए स्पेशल ब्रांच परिसर में लगे खुफिया विभाग के टेंटों को बुरी तरह फाड़ डाला है। इसकी वजह से शनिवार को हुई बारिश में टैंट के भीतर रखा सारा सामान भी भीग गया। भीगे हुए सामान को सुखाने के लिए विभागीय कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।

ये भी पढ़ें – बंदरों की नसबंदी के लिये हिमाचल पर निर्भर

खुफिया विभाग 5

खुफिया विभाग लगा है अर्द्धकुंभ की चौकसी में

अर्द्धकुंभ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के चलते चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स मौजूद है। किसी भी आशंका से निपटने के लिए खुफिया तंत्र को खासा मजबूत भी किया गया है। इसी कड़ी में तुलसी चौक स्थित स्पेशल ब्रांच के परिसर में खुफिया कर्मियों के ठहरने के लिए आधा दर्जन टेंट लगाए गए हैं। लेकिन इन टेंटों में रह रहे कर्मियों के लिए सुकून नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों से मेला क्षेत्र के बंदरों ने कर्मचारियों का सुख-चैन छीना हुआ है। बंदरों ने यहां लगे टेंट बुरी तरह फाड़ दिए हैं और सामान भी इधर-उधर फेंक दिया। इससे बारिश का पानी टेंटों में घुस गया और सब जगह कीचड़ हो गया। विभागीय कर्मचारियों के बिस्तर और कपड़े भी बुरी तरह भीग गए। काफी मुश्किलों के बाद सभी भीगे सामानों को सुखाया गया। हैरत इस बात की है कि इतना कुछ होने के बाद भी वन विभाग उदासीन ही बना रहा और न तो अधिकारी और न ही कर्मचारी मौके का जायजा लेने पहुंचे।

ये भी पढ़ें – बंदरों की चतुराई बनी अफसरों का सिरदर्द

खुफिया विभाग 4

बजट मिलने पर भी वन विभाग मौन

बंदरों को पकडऩे और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र में आने से रोकने के लिए मेला प्रशासन ने वन विभाग को करीब साढ़े बारह लाख का बजट दिया है। लेकिन, वन विभाग के अधिकारी बजट पर कुंडली मारे बैठे हैं। अलबत्ता, कागजों में बंदरों को पकडऩे के बड़े-बड़े दावे जरूर हो रहे हैं, जबकि हकीकत में हरकी पैड़ी समेत सभी घाटों पर बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा।

loading...
शेयर करें