ख्वाजा छोड़ना चाहते है अपनी अलग छाप

मेलबर्न। उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियन वनडे टीम में अचानक मिले इस मौके को कैश कराना चाहते हैं। दरअसल डेविड वार्नर के पैतृत्व अवकाश पर जाने से उस्मान ख्वाजा के लिए लगभग तीन साल बाद वनडे के दरवाजे खुले हैं। टेस्ट मैचों के इस नियमित बल्लेबाज ने कहा कि यदि भारत के खिलाफ उन्हें दूसरे एकदिवसीय मैच में मौका मिलता है तो इसका फायदा उठाकर अपना असर ज़रूर छोड़ना चाहते हैं।

ख्वाजा

ख्वाजा के पास सिर्फ तीन वनडे का अनुभव

ख्वाजा ने अपने करियर में केवल तीन वनडे खेले हैं। इसमें वो सात की औसत से केवल 14 रन बना सके हैं। उन्होंने आखिरी वनडे फरवरी 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। यह 29 वर्षीय बल्लेबाज हालांकि 2011 में पदार्पण के बाद टेस्ट मैच खेलता रहा है। उस्मान 13 टेस्ट खेल चुके हैं। उन्होंने तीन शतकों की मदद से 46.37 की औसत से 881 रन बनाए हैं।

डेविड वार्नर दूसरी बार पिता बनने वाले हैं और इसके लिए उन्होंने अवकाश लिया है जिसके कारण उस्मान ख्वाजा को टीम में जगह मिली है और उन्होंने कहा कि वह इससे खुश हैं। ख्वाजा ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं वनडे टीम में चुने जाने से ही खुश हूं। मुझे पक्का विश्वास नहीं है कि मुझे अंतिम एकादश में चुना जाएगा या नहीं लेकिन टीम में चुने जाने से हमेशा अच्छा लगता है क्योंकि यह अच्छे काम के इनाम जैसा होता है।’

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उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं बताया गया है कि मैं खेलूंगा या नहीं। मैं केवल अपनी समझ का इस्तेमाल कर रहा हूं कि डेविड नहीं खेल रहा है तो फिर मुझे मौका मिल सकता है।’

ख्वाजा से पूछा गया कि टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सीमित ओवरों की क्रिकेट से नजरअंदाज किए जाने पर क्या उन्हें निराशा हुई, उन्होंने कहा, ‘मैं शुरुआती टीम में नहीं चुने जाने से निराश था लेकिन अपने करियर में मुझे कई बार बाहर किया गया और कई बार मैंने वापसी की और इसलिए मैं जानता था कि चिंता करने से कोई मदद नहीं मिलेगी। मैं निराश था लेकिन आगे बढ़ चुका था। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने का कोई भी मौका शानदार होता है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं ऑस्ट्रेलिया के लिए सभी प्रारूपों में खेलना चाहता हूं। टेस्ट मैचों में प्रदर्शन से मैं वास्तव में खुश हूं। आगे काफी वनडे मैच होने हैं और मैं उनका हिस्सा बनना चाहता हूं।’

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