गणतंत्र दिवस पर आईएस हमले की आशंका, हाई अलर्ट

नई दिल्ली। कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के हमले की फिराक में होने की खुफिया जानकारी मिलने केबाद गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षाबलों को सतर्क कर दिया गया है। ऐसी खबरें हैं कि आईएस गणतंत्र दिवस पर भारत में आतंकवादी हमला कर सकता है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि अर्धसैनिक बलों को गणतंत्र दिवस के मद्देनजर अधिक चौकस रहने के लिए कहा गया है। इस बार गणतंत्र दिवस परेड में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद मुख्य अतिथि होंगे।

गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री, राष्‍ट्रपति होंगे शामिल

सूत्रों ने कहा, “किसी भी तरह के आतंकवादी हमले को रोकने के लिए 26 जनवरी को सेना के अलावा अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया जाएगा।” गणतंत्र दिवस की परेड में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के शीर्ष नेता उपस्थित रहेंगे। सूत्रों ने कहा, “सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है और पिछले साल की तरह ही इस बार भी सारी सुरक्षा प्रणाली को काम पर लगा दिया जाएगा। पिछले साल की परेड में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे।”

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की सुरक्षा की समीक्षा

गणतंत्र दिवस से पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस प्रमुख और खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा स्थिति की आज समीक्षा की। भव्य राजपथ पर आयोजित किए जाने वाले इस प्रमुख समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ असैन्य एवं रक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद होंगे।

दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी और अन्य अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में की जाने वाली जमीन से लेकर आसमान तक की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में गृहमंत्री को विस्तृत प्रस्तुति दी। पठानकोट आतंकी हमलों के बाद पहले ही दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा जा चुका है क्योंकि ऐसी खुफिया सूचनाएं हैं कि कम से कम दो आतंकी दिल्ली में घुस चुके हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस के मद्देनजर दिल्ली में उच्चतम सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।’’

चप्‍पे-चप्‍पे पर रहेंगे जवान, हवाई सुरक्षा भी होगी कड़ी

जमीनी स्तर पर बलों की तैनाती के अलावा सरकार विमान-रोधी बंदूकें तैनात करके और दिल्ली के कई इलाकों के उड़ान-रोधी क्षेत्र घोषित करके हवाई सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। दिल्ली पुलिस के 80 हजार जवानों के अलावा कुल 10 हजार अर्धसैन्य कर्मियों को भी व्यापक सुरक्षा कवर के तहत राष्ट्रीय राजधानी में तैनात किया जाएगा। दिल्ली में अतिरिक्त अर्धसैन्य बलों की नियुक्ति पठानकोट आतंकी हमले के एक सप्ताह बाद कर दी गई थी। उस हमले में सात सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। केंद्रीय खुफिया और जांच एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों और दिल्ली समेत 13 राज्यों की पुलिस ने शनिवार को गृहमंत्री के साथ बैठक की थी और उसमें सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं में आईएसआईएस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के कदमों पर चर्चा की गई थी।

गणतंत्र दिवस समारोह में होने वाले परेड को लेकर राजपथ पर हुए अभ्यास में फ्रांसीसी सैनिकों ने हिस्सा लिया। गणतंत्र दिवस में यह पहली बार होगा जब विदेशी सैनिक भी गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर मार्च करेंगे। इस साल के समारोह में फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद मुख्य अतिथि हैं।

 

 

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