ये है ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की हकीकत, गरीब बाप फीस नहीं दे सका तो स्कूल ने कपड़े उतार बेटियों को भेजा घर

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पटना। देश में शिक्षा का अधिकार की बात की जाती है। ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ का नारा दिया जाता है लेकिन इन शब्दों के मायने इस खबर के बाद सिर्फ नारों और स्लाग्नों तक ही सीमित लगती है। ये खबर मानवता को भी शर्मशार करती है। दरअसल बिहार के बेगूसराय में एक स्कूल के प्रिंसिपल ने दो मासूम बच्चियों को अंडरगारमेंट में ही घर भेज दिया। वो इसलिए क्योंकि उसके मजबूर पिता के पास ड्रेस के लिए पैसे नहीं थे।

बेगूसराय

बेगूसराय के स्कूल में मानवता शर्मसार, बच्चियों के उतरवाए कपड़े

ख़बरों की माने तो ये अमानवीय घटना गुरुवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरिया गांव स्थित बी.आर. एजुकेशन एकेडमी की है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल में जब सेशन शुरू हुआ था तब इन्हें यह यूनिफॉर्म दी गई थी। दोनों बहनों की यूनिफॉर्म के लिए1,600 रुपये स्कूल में जमा करने थे।

लेकिन मजबूरी की वजह से पिता वो पैसे जमा नहीं कर पाए। गुरुवार को जब लड़कियां स्कूल पहुंची तब क्लास टीचर अंजना देवी ने दोनों के कपड़े उतरवाकर उनको अंडरगारमेंट्स में स्कूल से वापस घर भेज दिया। एक लड़की पहली क्लास में और दूसरी नर्सरी में पढ़ती है। एक 6 साल और एक मंच साल की है।

लड़कियां रोते हुए अपने घर पहुंची। अपनी बेटियों की हालत देखकर मां-बाप का दिल बैठ गया। बच्चियों के पिता चुंचुन कुमार साओ एक प्रोविजन स्टोर चलाते हैं, जब वह इसकी शिकायत करने स्कूल के प्रिंसिपल के पास पहुंचे तो प्रिंसिपल मुकेश कुमार ने धमकी देते हुए कहा कि यूनिफॉर्म के पैसे नहीं देने पर ऐसा किया गया है।

जब स्कूल में उनकी बात नहीं सुनी गयी तब पीड़ित पिता ने पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित पिता ने कहा कि इस हादसे के बाद मेरी बेटियां सदमे में हैं। मैंने स्कूल प्रशासन से फीस जमा करने एक लिए वक़्त माँगा था।

वहीँ बेगूसराय के एसपी का कहना है कि ये एक गंभीर मामला है इसकी जांच की जा रही है। वहीँ ये खबर शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के पास पहुंची तो उन्होंने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की बात की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रिंसिपल और टीचर को गिरफ्तार कर लिया है।

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