मातृत्व के दौरान कुछ ऐसे रखें अपने त्वचा का ख्याल

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नई दिल्ली| गर्भावस्था के दौरान प्रसव के बाद भी स्वस्थ रहने और चमकदार त्वचा पाने के लिए आपको इसकी खास देखभाल करने और स्वस्थ आहार लेने की जरूरत है। त्वचा में चमक बनाए रखने के लिए प्राकृतिक लोशन, क्रीम जरूर लगाएं। हिमालया ड्रग कंपनी में नैचुरल प्रोडक्ट इनोवेशंस आर एंड डी से संबद्ध रिसर्च एसोसिएट सुश्रुता सी.के. ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं :

गर्भावस्था के दौरान

गर्भावस्था के दौरान त्वचा को सहजता व कोमलता जरूरत होती है

– गर्भावस्था के दौरान बच्चे को बढ़ने देने के लिए जैसे-जैसे शरीर में खिंचाव पैदा होता है, ऐसे में त्वचा को सहजता व कोमलता जरूरत होती है। त्वचा के रूखेपन और खुजली से छुटकारा पाने के लिए त्वचा में नमी बरकरार रखना चाहिए। शरीर की त्वचा मुलायम बनाए रखने के लिए कोकोआ बटर युक्त मॉइश्चराइजर व बॉडी लोशन लगाएं।

– गर्भावसथा के दौरान त्वचा में खिंचाव होने से स्ट्रेच मार्क्‍स, रैशेज पड़ जाते हैं, पसीना आने से खुजली भी होती है। चकत्ते व निशान आम तौर पर पेट पर हो जाते हैं और यह फैलकर पैरों व छाती तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में विशेष रूप से मां बनने वाली महिलाओं के लिए बनी एंटी-रैशेज क्रीम लाभकारी साबित होती है। इसे लगाने से खुजली नहीं होगी और यह त्वचा को नमी प्रदान करेगा और गर्भावस्था के दौरान आप सहज महसूस करेंगी। बाजार में आजकल स्ट्रेच मार्क्‍स रोकने वाली क्रीम उपलब्ध हैं, जिसे लगाने से स्ट्रेच मार्क्‍स पड़ने की आशंका कम हो जाती है।

– मां बनने के बाद रोजाना मसाज (मालिश) कराने से आपके शरीर की पीड़ा दूर होगी और आराम मिलेगा। इससे रक्त संचार में सुधार होता है और शरीर मजबूत बनता है। लैवैंडर की खूशबू से समृद्ध तिल के तेल, विंटर चेरी या कंट्री मलाउ (सिडा कोर्डिफोलिया) के तेल से आपको दर्द से उबरने में मदद मिलेगी। इससे अच्छी नींद भी आती है।

– सही से स्तनपान नहीं कराने पर निपल्स से खून निकलने या इसकी त्वचा फट जाने पर मां को दर्द महसूस हो सकता है। दस में से दो मां को निपल्स में क्रैक और सूजन का सामना करना पड़ता है, इससे दूध निकलने में भी दिक्कत होती है। नई मां कोकोम बटर युक्त निपल क्रीम लगा सकती हैं, जो निपल को मॉइश्चराइज रखेगा। जैतून का तेल लगाने से भी निपल की त्वचा कोमल रहेगी।

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