गायत्री प्रजापति और अन्य के खिलाफ आज तय होंगे आरोप

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लखनऊ। गैंगरेप के आरोप में घिरे सपा के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पॉक्सो अदालत में आज आरोप तय होंगे। इस मामले में विशेष न्यायाधीश उमा शंकर शर्मा की अदालत में चौक के पुलिस क्षेत्राधिकारी राधेश्याम राय 824 पष्ठ का आरोप पत्र पेश किया था।

गायत्री प्रजापति

गायत्री प्रजापति के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे हैं

विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने राय के नेतृत्व में मामले की जांच करने के बाद प्रजापति, उनके गनर चंद्रपाल, रूपेश्वर उर्फ रूपेश, अशोक तिवारी, विकास वर्मा, अमरेन्द्र सिंह और आशीष शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाये।

जबकि गायत्री प्रजापति, अमरेन्द्र, आशीष और अशोक के खिलाफ पाक्सो कानून के तहत आरोप लगे। गौरतलब है कि एक महिला ने आरोप लगाया था कि  साल 2014 में नौकरी और प्लॉट दिलान के बहाने उसे गायत्री प्रसाद प्रजापति ने लखनऊ स्थित गौतमपल्ली आवास पर बुलाया। वहां चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। इसके बाद वह अपना सुध-बुध खो बैठी। बेहोशी की हालत में मंत्री और उसके सहयोगी ने रेप किया था। इसका अश्लील वीडियो बनाते हुए तस्वीरें भी ली गई थीं।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि अश्लील वीडियो और तस्वीरों के जरिए गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके सहयोगी साल 2016 तक उसे और उसकी बेटी को हवस का शिकार बनाते रहे। इससे तंग आकर उसने 7 अक्टूबर 2016 को थाने में तहरीर दी, लेकिन उस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद पीड़िता सूबे के आलाधिकारियों से भी मिली थी।

पुलिस से जब पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला, तो उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन वहां उसकी याचिका को खारिज कर दिया गया। इसके बाद भी पीड़िता हार नहीं मानी। वह सुप्रीम कोर्ट के दर पर पहुंची। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने गायत्री को गिरफ्तार किया।

कोर्ट के आदेश पर आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंन्द्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला के खिलाफ थाना गौतमपल्ली में अपराध संख्या 29/11 आईपीसी की धारा 376 डी महिला के साथ गैंग रेप, 376/511 महिला की बेटी के साथ रेप का प्रयास, 504,506 और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

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