IPL
IPL

गाय को दफनाने जा रहा था भीड़ ने पीटकर मार डाला, बाद में पता चला वो तो ‘हिंदू’ था

नई दिल्ली गाय के मांस को लेकर पिछले साल यूपी के बिसाहड़ा में इखलाक नाम के युवक की भीड़ द्वारा हत्‍या कर दी गई थी। लेकिन अब गाय को लेकर एक और पुराना मामला रोशनी में आया है।बिसाहड़ा में मुहम्मद इखलाक के साथ जो हुआ वह सांप्रदायिक नफरत का पहला वाकया नहीं था। साल 2014 में भी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के छावला गांव में भी एक युवक को गाय को ले जाने के शक में मार डाला था।

गाय

गाय और भैसों को दफनाने जा रहा था

पुलिस जांच चौकी पर एक मिनी ट्रक को रोका गया। ट्रक में गाय और भैंसे भरे हुए थे। तभी कुछ ग्रामीण ट्रक के चारों ओर जमा हो गए। थोड़ी ही देर में उन्होंने बड़ी बेरहमी से उस ड्राइवर को पीटकर कर मार डाला। उसकी खोपड़ी फोड़ दी और उसे भीड़ उसे मरा हुआ छोड़कर वहां से चली गई। उसकी गलती इतनी सी थी कि उसके ट्रक में गाय और भैंस भरे थे और वह उन्हें ‘कहीं’ ले जा रहा था। ‘मुस्लिम तस्कर’ समझकर गुस्से में आई भीड़ को ड्राइवर की हत्या करने के एक घंटे बाद ही यह पता चला कि जिसे उन्होंने मारा था वह एक ‘हिंदू’ था और उसका नाम शंकर कुमार था। शंकर की विधवा पत्‍नी का नाम श्यामा है। वह नांगलोई में रहती हैं। उनके घर के पास ही एक खुला नाला है जहां गायें प्लास्टिक और कूड़ा खाती दिखती हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें शंकर की मौत के बारे में एक दिन बाद पता चला।’ श्यामा और शंकर के 7 बच्चे हैं। शंकर के जाने के बाद अब बच्चों की पूरी जिम्मेदारी श्यामा पर है।

जिसको समझा मुस्लिम वो हिंदू निकला

शंकर दक्षिणी दिल्ली महानगरपालिका में एक ठेकेदार था और वह दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की एक गोशाला से मरी हुई गायों को अपनी ट्रक से गाजीपुर दफनाने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने शंकर को मारने वाले 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। सभी लोगों को इसी साल जुलाई में सबूतों की कमी के कारण जमानत मिल गई। बिसाहड़ा गांव में मुहम्मद इखलाक की भीड़ द्वारा की गई हत्या शंकर की मौत की याद दिलाता है। शंकर और इखलाक की जिस तरह महज शक के आधार पर बेरहमी से हत्या कर दी गई वह बताता है कि किस तरह भारत के छोटे शहरों और कस्बों से सांप्रदायिक नफरत पनप रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button