अगर जल्दी करनी है शादी तो करें यह उपाय

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नई दिल्‍ली। करियर को लेकर कुछ लोग इतना व्‍यस्‍त हो जाते हैं कि पर्सनल लाइफ को भूल जाते हैं। शादी ब्‍याह तक नहीं कर पाते। महिला हो या पुरुष शादी की उम्र को लेकर दोनों को ध्‍यान रखना चाहिए। जब उनकी उम्र निकल जाती है तो पछताते हैं। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो इन गुरु के उपाय अपनाएं और अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाएं।

गुरु के उपाय

गुरु के उपाय अपनाने से मिलेगी राहत  

किसी-किसी की कुंडली में गुरु के बुरे प्रभाव होते हैं। जिससे उनकी शादी में व्‍यवधान आते हैं। अगर समय रहते इन दोषों को दूर कर लिया जाए तो सही उम्र में शादी हो सकती है।

भाग्‍य का कारक होता है गुरु

गुरु वैवाहिक और भाग्य का कारक ग्रह है। साथ ही यह दिन सांई बाबा का भी होता है अगर आप उन्हें मानते हैं तो उनकी भी पूजा कर सकते है। जानिए ऐसे उपाय के बारें में जिसे गुरुवार के दिन करने से गुरु ग्रह के दोष दूर हो जाएगे साथ ही आपको धन-धान की प्राप्ति होगी।

नहाने से पहले करें यह उपाय

गुरुवार के दिन नहाते वक्त अपने नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें। इसके बाद “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करते हुए केसर का तिलक लगाए और केले के वृक्ष में जल अर्पित हुए उसकी धूप- दीप से पूजा करें।

यह उपाय भी होंगे कारगर

गुरुवार को सूर्योदय से पहले उठें। स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी करें।

अगर आपकी कुंडली में गुरु का दोष हो तो हर गुरुवार को शिवजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।

गुरुवार के दिन गुरु ग्रह शान्त करनें के लिए इस दिन व्रत रखें और पीले रंग के कपड़े पहनें। बिना नमक का बना खाना खाएं। कोशिश करें कि इस दिन अपने खाने में पीले रंग के पकवान जैसे कि बेसन के लड्डू, आम आदि खाए।

गुरुवार के दिन गुरु बृहस्पति की मूर्ति या फोटो में पीले रंग के कपडें विराजित करें और पूजा करें। अपनी पूजा में पीले चावल, केसरिया चंदन, पीले फूल, प्रसाद में चाहे तो चने की दाल और गुड का इस्तेमाल करे यह शुभ माना जाता है औऱ पीलें की फलों को चढ़ाएं। 

रोजाना 108 बार गुरु मंत्र का जप करें- मंत्र- ऊं बृं बृहस्पते नम:।

गुरुवार को ब्रहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीली वस्तुओं का ही दान किसी गरीब व्यक्ति या किसी मंदिर में जाकर करें।

गुरुवार के दिन शाम के समय केले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं।

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