यह पहेली सुलझा लो, तो ‘गूगल’ में मिल जाएगी नौकरी

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इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले सवाल सुनकर कई बार आप हैरान हुए होंगे। लेकिन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी गूगल में नौकरी पाने के लिए किसी बड़े सवाल का जवाब नहीं, बस एक पहेली को सुलझाना होगा। इस 100 कैदियों की टोपी वाली पहेली को सुलझाने वाले को गूगल अपने यहाँ नौकरी पर रख लेगा।

गूगल

गूगल में नौकरी के लिए कुछ ऐसी है ये पहेली

  1. 100 कैदी एक लाइन में खड़े हैं, हर कैदी के सामने वाला कैदी या तो लाल या नीले कलर की टोपी पहने हुआ है।
  2. प्रत्‍येक कैदी सिर्फ अपने सामने वाले कैदी की टोपी ही देख सकता है। वह न तो अपने सिर की टोपी देख सकेगा और न ही पीछे खड़े किसी कैदी की।
  3. इसके बाद एक जेलर 100 कैदियों की लाइन के पीछे खड़ा हो जाता है। और सबसे पीछे वाले कैदी से उसके ठीक आगे खड़े कैदी की टोपी का कलर पूछता है। जो कैदी इसका सही उत्‍तर दे देता है उसकी सजा माफ कर द जाती है। और जिसका जवाब गलत मिला उसको सजा दी जाती है।
  4. हालांकि लाइन में खड़े होने से पहले कैदियों को आपस में मिलकर रणनीति बनाने की इजाजत दी जाती है।

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कहां से आया यह सवाल

अब कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि गूगल जैसी मल्‍टीनेशनल कंपनी एक पहेली सॉल्‍व करने पर नौकरी क्‍यों दे रही है। दरअसल ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी और गूगल की डीपमाइंड कंपनी ने एक ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (रोबोट की तरह) तैयार किया था। और इसके सामने इस पहले को रखा गया। इसने जब इस पहेली को सॉल्‍व कर दिया तो सभी शॉक्‍ड रह गए। इसके बाद यह सोचा गया कि जब एक मशीन इसको सॉल्‍व कर सकती है तो इंसान क्‍यों नहीं। बस फिर क्‍या गूगल ने इसे अपने जॉब इंटरव्‍यू का क्‍वेश्‍चन बना लिया।

 

(inextlive से साभार)

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3 टिप्पणी

  1. कमाल है! गूगल की इस पहेली में समस्या कहाँ है?
    प्रत्‍येक कैदी सिर्फ अपने सामने वाले कैदी की टोपी ही देख सकता है।
    और जेलर सामने वाले कैदी की टोपी का कलर ही तो पुछ रहा।
    बस जो लाईन में प्रथम है, वो जबाब नहीं दे सकता।