गोरखपुर की प्रीति इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर ऑफ द ईयर, ओलंपिक खेलने का सपना

0

लखनऊ। गोरखपुर की प्रीति दुबे इन दिनों बैंगलौर में ओलंपिक कैंप में प्रैक्टिस कर रही हैं। नेशनल हॉकी टीम में शामिल इस खिलाड़ी का कद अब अपने लेवल के खिलाडि़यों से काफी ऊंचा हो गया है। प्रीति ने हाल ने एक ऐसा खिताब हासिल किया है, जिसके बारे में नए दौर के खिलाड़ी सपने देखते हैं।

गोरखपुर की प्रीति दुबे

गोरखपुर की प्रीति दुबे

बीते 26 मार्च को प्रीति ने अंतरराष्ट्रीय हाॅकी जगत में अपकमिंग प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब अपने नाम किया है। प्रीति को अभी नेशनल लेवल गेम्स में आए दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। प्रीति की यह उपलब्धि इस मायने में ज्यादा बड़ी साबित होती है कि वह एक ऐसे शहर से ताल्लुक रखती हैं, जहां लड़कियों को खेल में कम ही लोग भेजते हैं।

प्रीति कहती हैं, ‘छह साल की उम्र से मैंने हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। बस मैंने लगन के साथ अपने खेल को जिया। उम्मीद नहीं थी कि इतनी सफलता मिलेगी। आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। इस खेल में एक‍ दिन देश का नाम दुनिया में रोशन करूंगी।’

प्रीति स्पोर्ट्स कोटे की खिलाड़ी रही हैं। लेकिन पढ़ाई को भी उन्होंने कभी कम करके नहीं आंका। हालांकि हॉकी पर उनका ज्यादा फोकस रहता है। प्रीति फिलहाल 12वीं क्लास में हैं। वह पढ़ाई में भी अच्छी हैं। पढ़ाई और खेल को एक साथ एडजस्ट करना अब उनकी आदत में शुमार हो गया है।

गोरखपुर की प्रीति दुबे इन दिनों खेल के अपने मजबूत और कमजोर दोनों पक्षों पर ध्यान दे रही हैं। वह बताती हैं, ‘ट्रेनिंग कैंप में मेरा ध्यान खुद को इ्म्प्रूव करना है। मेरी रनिंग अच्छी है। मिड फील्डर हूं इसलिए रनिंग और स्टेमिना पर पूरा ध्यान दे रही हूं।’ ओलंपिक कैंप को खत्म करने के बाद प्रीति बैंगलोर से वापस गोरखपुर लौटेंगी और अपनी पढ़ाई में जुट जाएंगी।

रियो ओलंपिक के लिए फिलहाल महिला हॉकी टीम का चयन नहीं हुआ है। लेकिन प्रीति का कहना है कि अगर मौका मिला तो वह इसके लिए भी पूरा दमखम दिखाने को तैयार हैं।

loading...
शेयर करें