राज्यपाल के आदेश पर रिहा हुआ दुनिया का सबसे बुजुर्ग कैदी

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गोरखपुर:  उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जेल से बीते गुरूवार को दुनिया के सबसे बुजुर्ग कैदी की रिहाई हुई है। हत्या के एक मामले में 14 वर्षों से भी ज्यादा समय से जेल में बंद चौथी यादव हा कर दिया गया है। इस समय उनकी उम्र 108 वर्ष है। दरअसल, वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल के समक्ष चौथी की सजा माफ किए जाने को लेकर अपील की थी। तीन महीने पहले राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उनकी सजा माफ़ कर दी थी।

गोरखपुर जेल

गोरखपुर जेल में वर्ष 2003 से बंद था चौथी सिंह

चौथी यादव को 25 जुलाई 1979 को हत्या के एक मामले की सुनवाई के दौरान चौथी को दोषी पाया गया था। हालांकि इसके तुरंत बाद चौथी को जेल नहीं भेजा गया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा। अंततः वर्ष 2003 में चौथी को जेल जाना ही पड़ा। तब से वह जेल में ही बंद थे।

गुरूवार को गोरखपुर जेल से रिहाई के समय चौथी सिंह की 96 वर्षीय पत्नी सुनरा और भतीजा गौतम गोरखपुर आये थे। पत्नी और भतीजे के साथ चौथी यादव बेलिपार स्थित अपने गांव बेलांव लौट गया।

इस बात की जानकारी देते हुए गोरखपुर जेल के वरिष्ठ सुपरिटेंडेंट एसके शर्मा ने बताया कि चौथी यादव को पहले ही रिहा कर दिया जाता, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू हो गई और उसकी रिहाई तीन महीने के लिए टल गई। राज्यपाल ने 12 जनवरी को ही उसकी रिहाई का निर्देश दे दिया था, लेकिन हमें जिला मैजिस्ट्रेट की ओर से आज ही इस आदेश की प्रति मिली।

वहीं लम्बे समय बाद खुली हवा में सांस लेने वाले चौथी यादव ने कहा कि मैंने इतने सालों में हमेशा अपने परिवार की कमी महसूस की। अगर उन्होंने मुझे छुड़ाने की कोशिश ना की होती, तो मैं शायद रिहा होने का इंतजार करते-करते ही मर जाता।

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