समाजवादी नेता के बेटे की पिटाई, निलंबन के साथ पुलिस ने कीमत चुकाई

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गोरखपुर। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के वकील बेटे की पिटाई गोरखपुर पुलिस को महंगी पड़ गई। मामले के बढ़ने के बाद पिटाई के आरोप में एसएसपी सहित कैंट थाने की 3 चौकियों के दारोगाओं और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट किए जाने का मामला भी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

गोरखपुर पुलिस

बता दें कि पुलिस की पिटाई का शिकार और हत्‍या के प्रयास का आरोपी गौरव यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव का बेटा है। गौरव पेशे से वकील और सपा का जिला सचिव भी है। पिटाई की सूचना मिलते ही सपा नेताओं और वकीलों ने मंगलवार की रात कैंट थाने में जमकर हंगामा किया था। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने की बात जब कही गई तब जाकर मामला शांत हुआ।

ऐसे हुई पूरी घटना

कैंट क्षेत्र में हाइवे के किनारे पुश्‍तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव का काफी समय से पट्टीदारी के लोगों से विवाद चल रहा है। बीते दिनों एक पक्ष विवादित भूमि पर मिट्टी गिरवा रहा था। दूसरे पक्ष ने जब इस बात का विरोध किया तो मामला तूल पकड़ने लगा।

विवाद इतना बढ़ा कि दोनों तरफ के लोगों ने हथियार निकाल लिए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीत में फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान चली गोली में पूर्व जिलाध्यक्ष के भाई चंद्रजीत यादव और दूसरे पक्ष के रामनयन घायल हो गए। चंद्रजीत को पेट में गोली लगी जबकि रामनयन को कंधे में गोली लग गई।

मौके पर पहुंची पुलिस

मामले की जानकारी होते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई और पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के पुत्र सहित दोनों पक्षों से दो-दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रात में थाने लाने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र की पुलिस वालों ने बुरी तरह से पिटाई कर दी।

बता दें कि उनकी पिटाई के बाद की अर्धनग्न फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। इस घटना की जानकारी मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष डॉ. मोहिसिन खान और महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया।

ये पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड

मामला इतना हुआ ही था कि बढ़ी संख्या में वकील भी थाने पहुंच गए। जिसके बाद जमकर हंगामा होने लगा। मामला बिगड़ता देख एसपी सिटी और एसपी ग्रामीण कैंट थाने पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने एसएसपी से बात करने के बाद आरोपियों के निलंबन का आदेश सुनाया तब जाकर लोग शांत हुए। एसएसपी अनंत देव, मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज नरेंद्र प्रताप राय, बेतियाहाता चौकी इंचार्ज दिनेश तिवारी, जटेपुर चौकी इंचार्ज मृत्युंजय सिंह और सिपाही योगेश सिंह को निलंबित किया गया है।

वहीं इस पूरी घटना के बाद गोली लगने से घायल चंद्रजीत और रामनयन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बाद में चंद्रजीत की हालत काफी गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उनको लखनऊ रेफर कर दिया गया है।

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