सेक्सवर्कर की बेटियों को पढ़ाने वाली लड़की को मिलेंगे एक मिलियन डॉलर!

0

मुंबई। सेक्स वर्कर की बच्चियों को पढ़ाने वाली एक लड़की को दुनिया का प्रतिष्ठित ग्लोबल टीचर अवार्ड मिल सकता है। इस अवार्ड के साथ एक मिलियन डॉलर का इनाम भी मिलेगा। इस लड़की का सपना है कि वो सेक्स की दुनिया में फंसी लड़कियों को बचाए और उन्हें अपने पैरों पर खड़ी होना सिखाए।

चश्मा लगाए रॉबिन चौरसिया
चश्मा लगाए रॉबिन चौरसिया

ग्लोबल टीचर अवार्ड के मायने

क्रांति संस्था की सह संस्थपिका रॉबिन चौरसिया सेक्स वर्कर की बच्चियों को पढ़ाती है। उनका नाम दुनिया भर में ग्लोबल टीचर प्राइज के लिए चुने गए 10 लोगों में आया है। इन टॉप टेन लोगों में अमेरिका, ब्रिटेन, फिनलैण्ड, आस्ट्रेलिया, केन्या, जापान, पाकिस्तान और फिलिस्तीन से एक-एक इंसान शामिल है। मार्च के महीने में ग्लोबल टीचर अवार्ड जीतने वाले के नाम की घोषणा की जाएगी।

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में जन्मी 30 साल की रॅाबिन चौरसिया अमेरिकी एयरफोर्स में काम कर चुकी हैं। उन्होंने लैंगिक शिक्षा पर मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। साथ ही युगांडा में मानव तस्करी के खिलाफ लम्बे समय तक काम कर चुकी हैं।

साल 2011 में रॉबिन ने मुंबई में एनजीओ क्रांति की शुरुआत की। इसके तहत शुरू किए गए क्रांति स्कूल में उन्होंने रेडलाइड एरिया में काम करने वाली सेक्सवर्कर्स की बेटियों को पढ़ाना शुरू किया। मुंबई के पास कमाथीपुरा जिले में उन्होंने मानव तस्करी के खिलाफ अपना अभियान भी शुरू किया। इस अभियान में उन्होंने 12 से 20 साल तक की कई लड़कियों को आजाद कराया।

ग्लोबल टीचर अवार्ड
रॉबिन की क्रांति संस्था सेक्स वर्कर की लड़कियों को शिक्षा के मायने बताती है।

इन लड़कियों को भी रॉबिन के स्कूल में पढ़ने का मौका मिला। रॉबिन के क्रांति स्कूल में लड़कियों को इंग्लिश स्पीकिंग, कम्प्यूटर, डांस, ध्यान, फोटोग्राफी और थिएटर की ट्रेनिंग दी जाती है। यहां पढ़ने वाली लड़कियों को लोग क्रांतिकारी भी कहते हैं।

रॉबिन कहती हैं, ‘मैं अपनी इस छोटी से पहल से इन लड़कियों को अपने पैरों पर खड़ा करना चाहती हूं। सेक्सवर्कर और उनकी बेटियों को समझाना चाहती हैं कि वह क्या कर रही हैं और क्या कर सकती हैं।’ रॉबिन ने अपने अभियान से जुड़ी एक वेबसाइट भी बनाई है। इस नेक काम के लिए अमेरिका की वर्की फाउंडेशन ने उनका नाम ग्लोबल टीचर अवार्ड की आखिरी दस प्रतिभागियों में शामिल किया है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानव तस्करी और जिस्मफरोशी का धंधा काफी फलता-फूलता रहा है। यहां नेपाल, बांग्लादेश और आसपास के देशों से लड़कियों की तस्करी होती है। इन लड़कियों को जिस्मफरोशी के दलदल में धकेल दिया जाता है। कई लड़कियां परिवार का खर्च चलाने के लिए यह काम करने को मजबूर हो जाती हैं।
रॉबिन कहती हैं, ‘इन पीडि़तों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। अगर ग्लोबल टीचर अवार्ड मुझे मिला तो इन्हें भी एक आवाज मिलेगी, जिसे दुनिया सुनेगी।’ अगर आप इस अवार्ड और इनाम का एक मिलियन डॉलर जीत गईं, तो क्या करेंगी? इस सवाल पर रॉबिन हंसकर जवाब देती हैं, ‘मैं दुनिया भर से चुने गए दस लोगों में एक हूं। उन दस लोगों ने भी शानदार काम किया है। अगर मैंने यह इनाम जीता तो अपने काम को आगे बढ़ाऊंगी और ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को शिक्षित करूंगी।’ रॉबिन चौर‍सिया के काम से जुड़ा एक वीडियो भी यूट्यूब पर है। आप यहां क्लिक करके इसे देख सकते हैं।

यहां देखें वीडियो

loading...
शेयर करें