पहाड़ पर सियासत का नया हथियार बना #Shaktiman

0

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों घायल शक्तिमान का मुद्दा छाया हुआ है। सड़क से सदन तक हर जगह बेजुबान और घायल शक्तिमान की ही गूंज सुनाई दे रही है। विधानसभा में भी शून्यकाल के दौरान इस मामले में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की दुहाई देते हुए बहस को विधायक गणेश जोशी द्वारा घायल शक्तिमान’ की ओर मोड़ने की भी कोशिश की। विपक्ष भाजपा की रैली में कार्यकर्ताओं पर घोड़े चढ़ाने के लिए सरकार से माफी मांगने पर अड़ा रहा, जबकि सत्ता पक्ष शक्तिमान को बर्बरता से पीटने और घायल करने के लिए माफी मांगने की मांग करता रहा। हंगामा शांत नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने दो बार सदन को स्थगित भी किया। उधर, कांग्रेस ने मुद्दे को हवा देने के लिए एस्लेहाल चौक पर विधायक गणेश जोशी का पुतला फूंका और गिरफ्तारी की मांग भी की।

घोड़ा 1

घायल शक्तिमान पर जोशी की आंखें छलकीं, कहा मेरी टांग काट लो

विधानसभा में ही नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के साथ मीडिया से बातचीत में विधायक गणेश जोशी घायल शक्तिमान को पीटने के आरोपों पर बहुत भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि सियासी रैली में आंदोलनकारियों पर अंग्रेजों की तरह घोड़े दौड़ाए गए। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक पशु प्रेमी हूं और मेरे घर में जो कुत्ता पला है वो एक स्ट्रीट डॉग है जिसे में गंभीर हालत में सड़क से उठाकर लाया और उसका इलाज कराया था। जोशी ने कहा कि मैंने घोड़े पर लाठी नहीं चलाई। अगर यह सही साबित होता है तो उनकी भी एक टांग काट ली जाए। इतना कहते ही उनका गला भर आया और वह फफक पड़े। गणेश ने कहा कि सरकार ने मीडिया के चुनिंदा लोगों को मैनेज कर पूरे मामले में डॉक्टर्ड वीडियो चलाकर इसे बेवजह तूल दिया। ऐसे मीडियाकर्मियों के खिलाफ वह कोर्ट में जा रहे हैं।

मेरी प्रसिद्धि पचा नहीं पा रही है सरकार

जोशी ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच मेरी लोकप्रियता को सरकार पचा नहीं पा रही है इसलिए खीज में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। सीएम तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि घायल शक्तिमान आईएमए से रिटायर हुआ है और दस साल की सेवाओं के बाद पुलिस में शामिल हुआ। मैंने घायल शक्तिमान का हाल भी जाना है और उसके इलाज का पूरा खर्च भी मैं ही उठाऊंगा।

बीजेपी कार्यकर्ताओं से किया अमानवीय व्यवहार

नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल अंग्रेजों के जमाने से भी बद्तर हो गया है। सरकार ने अमानवीय तरीके से भाजपा की रैली में कार्यकर्ताओं पर घोड़े दौड़ाए। एक भाजपा कार्यकर्ता के सिर पर घोड़े का खुर लगने से वह आईसीयू में भर्ती है और उसके एक हिस्से को लकवा मार गया है। वहीं सदन में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप, नोंकझोंक और हंगामे के चलते स्पीकर ने पहले दोपहर एक बजे तक उसके बाद तीन बजे तक सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी।

loading...
शेयर करें