चिंता न करें, नोट बंदी से नहीं आएगी भूखों मरने की नौबत

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नोट बंदी के बाद देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा था कि जैसे कहीं कुछ काम नहीं हो रहा है। न किसान खेती कर रहे हैं, न व्यापारी कारोबार कर रहे हैं यानी देश के लोगों के सामने भूखों मरने की नौबत आने वाली है। लेकिन कृषि और सरकार के कर वसूली के आंकड़े दूसरी ही कहानी ही बता रहे हैं। इनके अनुसार इस दौरान जमकर खेती का काम हुआ है और खूब करोबार हुआ है।

रबी फसल की बुआई का क्षेत्रफल बढ़ा
राज्यों से प्राप्त शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 30 दिसम्बर तक बुवाई की गई रबी फसलों का कुल क्षेत्र 2015 के 545.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 582.87 लाख हेक्टेयर है। इसमें से 292.39 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 10.68 लाख हेक्टेयर में चावल, 148.11 लाख हेक्टेयर में दाल, 52.21 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज और 79.48 लाख हेक्टेयर में तिलहन की बुआई/रोपाई की गई है।
जमकर हुई खेती
आंकड़ों से पता चल रहा है कि नोट बंदी के दौरान किसानों ने अपना पूरा ध्यान खेती पर लगा रखा था। इसका ही परिणाम है कि कई साल की तुलना में इस बार बुबाई ज्यादा हुई है। इसका एक बड़ा कारण मौसम की मेहरबानी भी रही है।
कारोबार में बढ़ोत्तरी
ऐसा नहीं है सिर्फ किसानों ने ही जमकर मेहनत की है। इस दौरान देश में कारोबारी गतिविधियां भी जमकर चलती रहीं। इस बात का प्रमाण कर संग्रह के आंकड़ों में मिला है। नबंवर तक के आंकड़े सरकार के कर संग्रह में बढ़ोत्तरी की कहानी कर रहे हैं।

तेजी से बढ़ा कर संग्रह
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि नोटबंदी का अच्छा प्रभाव दिखाई दे रहा है। कर संग्रह में दोहरे अंकों में वृद्धि देखी जा रही है। जेटली ने कहा कि कर राजस्व और संग्रह पर नोटबंदी का प्रभाव साफ दिख रहा है। देश में 30 नवंबर तक केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 26.2 फीसदी की वृद्धि हुई। प्रत्यक्ष कर संग्रह में 19 दिसम्बर तक 14.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। वित्त मंत्री के अनुसार 19 दिसम्बर तक प्रत्यक्ष कर में कुल 13.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।

आलोचनाओं के विपरीत हकीकत
जटेली ने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष करों में 30 नवंबर तक 26.2 फीसदी की वृद्धि में उत्पाद कर में 43.5 फीसदी, सेवा कर में 25.7 फीसदी तथा सीमा शुल्क में 5.6 फीसदी की वृद्धि हुई। जेटली ने कहा कि हालांकि आलोचना काफी हुई लेकिन नतीजे शानदार दिख रहे हैं। इन्होंने कहा कि नोट बंदी के दौरान बीमा, पर्यटन, पेट्रोलियम की खपत व म्युचुअल फंड निवेश में बढ़ोतरी हुई। जेटली ने कहा कि नोटबंदी के चलते देश की नगदी का काफी हिस्सा बैंकिंग प्रणाली में आ चुका है। इससे न सिर्फ तस्वीर साफ हुई है बल्कि बैंकों की उधार देने की क्षमता भी बढ़ी है।

50 दिन की नोट बंदी
केन्द्र सरकार ने नवबंर के शुरू में 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया था। इनकी जगह पर 2000 रुपए का नया नोट चलाया था और 500 का नया नोट जारी किया था। विपक्ष का आरोप था कि इससे देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाएगी, लेकिन अब मिले आंकड़ों से विपक्ष के आरोपों की हवा निकलनी तय है।

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