अखिलेश ने किया ऐलान – ‘साइकिल’ पर नहीं, अब इस ‘चुनाव चिन्ह’ के साथ उतरेंगे मैदान में

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लखनऊ, (अमान) समाजवादी पार्टी में चल रहा दंगल पूरे देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बाप-बेटे की इस लड़ाई में  मुलायम की छवि के आगे अखिलेश ज्यादा चमकते हुए नजर आ रहे हैं। सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं आम आदमी का रुख भी अखिलेश को सहयोग करने वाला है। बाप-बेटे के बीच बंट चुकी सपा की लड़ाई अब साइकिल के लिए है। साइकिल की सवारी कौन करेगा? ये सवाल हर किसी के मन में बना हुआ है। कल मुलायम सिंह साइकिल के लिए चुनाव आयोग गए थे। जिसके बाद आज अखिलेश का खेमा चुनाव सिन्ह साइकिल पर दावा ठोकेगा। रामगोपाल यादव मंगलवार यानि आज सुबह साढ़े 11 बजे चुनाव आयोग पहुंचेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी आ रही है कि अगर अखिलेश को साइकिल नहीं मिली तो वो मोटरसाइकिल की भी सवारी कर सकते हैं। इसी बीच पिता और पुत्र में आजम खां सुलह कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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चुनाव सिन्ह साइकिल

चुनाव सिन्ह साइकिल को छोड़ अखिलेश कर सकते हैं मोटरसाइकिल की सवारी

खबर है कि टीम अखिलेश को पता है कि चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिह्न को जब्त कर सकता है। ऐसे में अखिलेश गुट मोटरसाइकिल को अपना चुनाव चिन्ह रखने का पूरा मन बना चुका है। मुलायम सिंह चुनाव आयोग में साइकिल पर अपना दावा जता चुके हैं।

क्या कहा था पूर्व निर्वाचन आयुक्त एस.वाई.कुरैशी ने

पूर्व निर्वाचन आयुक्त एस.वाई.कुरैशी ने कहा था कि ऐसा भी हो सकता है कि दोनों में से किसी भी गुट को साइकिल चुनाव चिन्ह न मिले। कुरैशी ने कहा कि अपने पास बहुमत को दर्शाने के लिए दोनों पक्ष अपने दावे के पक्ष में हलफनामा और अपने समर्थकों के हस्ताक्षर पेश करेंगे। उन्होंने कहा था कि इनका सत्यापन होगा और इसमें चार से पांच महीने का वक्त लग सकता है।

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माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में यदि चुनाव आयोग किसी एक पक्ष को चिन्ह देने के फैसले पर नहीं पहुंच पाता है तो वह इस पर रोक लगा सकता है। ताकि चुनावों के दौरान किसी पक्ष को अतिरिक्त लाभ ना हो। बहरहाल कुनबे की कलह अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। अब देखना यह है कि आगे क्या फैसला होता है।

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