आखिर चैत्र नवरात्र में मां की आराधना क्यों है खास

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8 अप्रैल यानि शुक्रवार से चैत्र नवरात्र शुरु हो रहे है। जिसके कारण हर घर में मां के आगमन की तैयारियां जोरो-शोरो से चल रही हैं। इस बार नवरात्र 8 दिन के हैं। फिर भी यह चैत्र नवरात्र शारदीय नवरात्र से अधिक महत्व रखते है। नवरात्रों में मां दुर्गा अपने असल रुप में प्रथ्वी में ही रहती है।

चैत्र नवरात्र

इन नौ दिनों में पूजा कर हर व्यक्ति माता दुर्गा को प्रसन्न करना चाहता है। जिसके लिए वह मां के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना और व्रत रखता है। जिससे मां की कृपा उन पर हमेशा बनी रहें। आखिर मां की आराधना के लिए चैत्र नवरात्र इतने ख़ास क्यों होते है।

चैत्र नवरात्र से शुरू होता है हिन्दू नववर्ष

हिंदू कैलेण्डर के अनुसार चैत्र नवरात्र की शुरुआत घटस्थापना चैत्र प्रतिपदा को होती है। जोकि हिंदू कैलेण्डर का पहला दिवस होता है। माता के सभी भक्त वर्ष का शुभारंभ साल के पहले दिन से अगले नौ दिनो तक माता की पूजा कर शुभांरभ हुए करते है। इस चैत्र नवरात्रि को वंसत नवरात्र के नाम से भी जाना जाता है।

इस चैत्र नवरात्र को राम नवरात्र के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन भगवान राम का जन्मदिवस था जो की चैत्र के अन्तिम दिन पड़ता है। चैत्र नवरात्रि उत्तरी भारतीय प्रदेशों में ज्यादा प्रचलित है। महाराष्ट्र में चैत्र नवरात्रि की शुरूआत गु़ड़ी पड़वा से होती है।

चैत्र नवरात्रि के दिन माता दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों को समर्पित होते है। शरद नवरात्र के दौरान अनुष्ठान चैत्र भी किए जाते है इसलिए शरद नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि की घटस्थान की पूजा विधि समान है।

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