‘चैम्पियंस ट्रॉफी जैसे आयोजन वर्ल्ड कप की अहमियत कम करते हैं’

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नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के आयोजन चैम्पियंस ट्रॉफी में न खेलने की बात को दोहराते हुए भारतीय टीम के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री ने गुरुवार को कहा है कि इस तरह के टूर्नामेंट अलग-अलग प्रारूपों में होने वाले विश्व कप की अहमियत को कम करती है। शास्त्री के मुताबिक इस तरह के आयोजन खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए खेल का ओवरडोज है।

रवि शास्त्री

ऑडी की नई कार ए3 के लॉन्च पर आए रवि शास्त्री ने कहा, यह खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए क्रिकेट का ओवरडोज है। यह खिलाड़ियों के लिए भी मुश्किल है। मैं खेल की गुणवत्ता को बनाए रखने पर जोर देता हूं नाकि ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट खेलने पर। यह जरूरी है कि आप अपने मुख्य टूर्नामेंट विश्व कप की अहमियत को बनाए रखें और इसे अन्य आयोजन से मिश्रित न करें।

उन्होंने कहा, जब टी-20 क्रिकेट नहीं था तब यह सही था, लेकिन अब आपके पास 50 ओवरों का विश्व कप भी है और टी-20 विश्व कप भी। और फिर चैम्पियंस ट्रॉफी के साथ टेस्ट चैम्पियनशिप भी है। आप एक खेल से कितने चैम्पियन चाहते हैं? उन्होंने कहा, अगर आप मुझसे पिछले 10-12 विश्व कप विजेताओं के बारे में पूछेंगे तो मैं बता दूंगा लेकिन अगर आप मुझसे पिछले तीन बार के चैम्पियंस ट्रॉफी के विजेताओं के बारे में पूछेंगे तो मैं नहीं बता पाऊंगा। मैं नहीं जानता। पिछली बार जो हुआ था, उसके बारे में मैं बता सकता हूं क्योंकि भारत ने इसे जीता था।

रवि शास्त्री ने हाल ही में खत्म हुई भारत और आस्ट्रेलिया श्रृंखला को लेकर कहा, “यह मुश्किल श्रृंखला थी जहां दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंत में मैं कहूंगा की जो बेहतर टीम थी वह जीती।” इस श्रृंखला में दोनों देशों के बीच काफी विवाद भी उपजा। इस पर शास्त्री ने कहा, “यह हाई वोल्टेज श्रृंखला थी और आप इससे ऐसी चीजों की उम्मीद कर सकते हैं। इसलिए तापमान ऊपर जाना ही था, लेकिन इसका अंत अच्छा हुआ।”

शास्त्री ने साथ ही कहा कि भारत को विदेशों में भी जीतना होगा और टीम में वहां जीतने का माद्दा भी है। भारत के पूर्व कप्तान ने कहा, “आपको टेस्ट में बाहर भी जीतना होगा। आपके पास टीम है, ऐसे तेज गेंदबाज हैं जो किसी भी स्थिति में गेंदबाजी कर सकते हैं। आपके आप ऐसा गेंदबाजी आक्रमण भी है जो 20 विकेट ले सकता है जो बेहद महत्वपूर्ण भी है।”

शास्त्री ने हाल ही में भारतीय खिलाड़ियों की वेतन बढ़ोत्तरी को मामूली बताया था। उन्होंन अपने इस बात को दोहराया और कहा कि नंबर एक टीम इससे ज्यादा की हकदार है। उन्होंने हालांकि बीसीसीआई के वेतन बढ़ोत्तरी को अच्छा कदम बताया है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि बीसीसीआई की अनुंबध राशि काफी कम है। क्योंकि पूल को जो मिलता है और खिलाड़ी जो करते हैं उसमें काफी अंतर है। जब आप इसकी तुलना दूसरे देशों से करते हैं तो पता चलता है कि हमारे खिलाड़ी ज्यादा के हकदार हैं। मेरा मानना है कि बीसीसीआई ने वेतन को दोगुना करते हुए इस बात पर ध्यान दिया है।”

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