छोटू गैंग ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद, अब लोहा लेने उतरी सेना

0

पाकिस्तान में छोटू गैंग सेना के लिए चुनौती बन गया है। आठ पुलिसवालों का हत्यारा यह गैंग 24 पुलिसवालों का अपहरण कर चुका है।

इन पुलिसवालों को छोटू गैंग ने एक टापू पर रखा है। इस टापू पर भी गैंग का ही कब्जा है। पुलिस इनसे लोहा लेने से कतरा रही है। इसीलिए अब सेना को आगे आना पड़ा है।

पुलिसवालों की रिहाई के लिए छोटू गैंग को सोमवार तक का वक्त दिया गया था। मोहलत खत्म होने के बाद अब सेना ने हमला शुरू कर दिया है।

छोटू गैंग

जवाब में छोटे गैंग भी गोलीबारी कर रहा है। छोटे गैंग का टापू सिंध नदी के कच्चे के इलाके में है। दस किलोमीटर चौड़े इस टापू को सेना ने घेर लिया है।

आसपास के गांववालों को इलाका खाली करने का संदेश दे दिया गया है। कई गांव के लोग यहां से भागने भी लगे हैं।

पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर ने कच्चा इलाके में पर्चे गिराकर छोटू गैंग को चेतावनी दी है कि अगवा पुलिसवालों को छोड़ दें, नहीं तो अंजाम बुरा होगा।

सेना के अफसर मोहम्मद इरफान ने बताया कि फौज और रेंजर्स के जवान ऑपरेशन में शामिल हैं। पुलिस इलाके से तीन किलोमीटर दूर हैं।

सेना से हेलीकॉप्टर की मदद से दो हजार जवानों को छोटू गैंग के टापू पर उतारने की तैयारी कर ली है। ये जवान यहां दो हफ्ते तक सीधी जंग लड़ेंगे।

सेना के अफसरों के मुताबिक, उन्हें नहीं पता कि छोटू गैंग के कितने सदस्य हैं, लेकिन यकीनन उन्हें धूल चटा कर रहेंगे।

छोटू गैंग की क्रिमिनल हिस्ट्री

 

छोटू गैंग पहली बार साल 2002 में सुर्खियों में आया। लूटपाट करने वाले इस गैंग का लीडर गुलाम रसूल उर्फ छोटू था। इस गैंग का इलाका सिंध नदी के आसपास है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गैंग के लीडर छोटू की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया था। अपनी जमीन वापस पाने के लिए छोटू ने बाबा गैंग की मदद ली।

इसके बाद छोटू ने बाबा गैंग के लिए काम शुरू किया। बाबा गैंग की बाद में छोटू गैंग के नाम से मशहूर हो गया। छोटू और उसके भाई पर हत्या के 18 मामले दर्ज हैं।

2005 छोटू ने सिंध रिवर हाईवे से चीन के 12 इंजीनियरों को अगवा किया। 2013 में गैंग ने आठ पुलिसवालों को अगवा किया।

हालांकि सरकार से डील के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अगले एक दशक में छोटू गैंग की दहशत बढ़ती ही गई। इस गैंग ने सिंध के आसपास 40 किलोमीटर इलाके पर कब्जा जमा लिया।

 

loading...
शेयर करें