आतंकी बैठे थे लोगों को मारने की फिराक में लेकिन मौत उनके पीछे खड़ी थी

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इराक। आतंकी संगठन आईएसआईएस के कुछ आतंकी घात लगाए बैठे थे कि हमला करेंगे। लेकिन उनको क्‍या पता था कि मौत उनके पीछे खड़ी है। जी हां, चाह रहे थे लोगों को मौत के घाट उतारना लेकिन वे ही मौत के मुंह में समा गए। जंगली सुअरों ने आतंकियों को मार डाला और चलते बने।

जंगली सुअरों ने आतंकियों को मार डाला

इराक में जंगली सुअरों ने आतंकियों को मार डाला

अंग्रेजी अखबार द टाइम्‍स यह रिपोर्ट दी है कि आतंकी हामरिन पहाडि़यों के करीब खेतों में सरकंडों में कुछ आतंकी छिपे थे। एंटी आईएसआईएस बलों के सुपरवाइजर और स्‍थानीय उबैद क‍बीले के मुखिया शेख अनवर अल-असी ने बताया कि लगता है कि आतंकियों ने जंगली सुअरों को छेड़ दिया था। घटना के बाद आतंकियों के शव आईएस के अन्‍य लोग ले गए। साथ ही उन्‍होंने अब जंगली सुअरों को मारने का फैसला किया है।

कुछ दिनो पहले 25 लोगों को उतारा मौत के घाट

इस घटना से कुछ दिन पहले ही आईएस ने हाविजा शहर में 25 लोगों को मार दिया था। यह इलाका आईएस के गढ़ वाले क्षेत्र में आता है। बताया जाता है कि कई लोगों के शहर को छोड़ने के प्रयास के चलते लोगों को मारा गया। अल-असी ने बताया कि हाविजा में नरसंहार हुआ था। साथ ही ऐसा आखिर बार नहीं हुआ।

लगातार हमले कर रहे थे आतंकी

हाविजा शहर मोसुल से 100 मील दक्षिण में बगदाद जाने वाले रास्‍ते पर है। यहां से रोजाना दर्जनों लोग कुर्दिश बहुल किर्कुक जा रहे हैं। इराकी सेना हाविजा को आईएस से मुक्‍त कराने की तैयारी कर रही है। अमेरिका के समर्थन वाली सेनाओं ने पिछले साल अक्‍टूबर में मोसुल से आईएस आतंकियों को निकालने का अभियान शुरू किया था। इस साल जनवरी में पूर्वी मोसुल को आजाद करा लिया गया था। 25 अप्रैल को इराकी सेना ने दावा किया कि उसने अल तानेक पर नियंत्रण कर लिया है।

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